चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली करने का ऐलान किया है। हालांकि, इस प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी (AAP) की भागीदारी को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने AAP की स्टेट यूनिट को महारैली में शामिल होने का न्योता दिया है।
Knews Desk – चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष लगातार प्रदर्शन कर रहा है। विपक्ष केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इस मुद्दे पर विपक्षी एकजुटता पूरी तरह नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस की अगुवाई वाले INDIA ब्लॉक ने अब 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली आयोजित करने की योजना बनाई है। इस बीच, आम आदमी पार्टी को भी आंदोलन में शामिल करने की कोशिशें की जा रही हैं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) की ओर से महारैली में शामिल होने के लिए AAP की स्टेट यूनिट को न्योता दिया गया है। इस पर AAP की स्टेट यूनिट ने कहा कि इस संबंध में अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान करेगा। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत के बाद ही महारैली में शामिल होने को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
INDIA ब्लॉक से अलग प्रदर्शन कर रही AAP
मुख्य चुनाव आयुक्त और SIR प्रक्रिया के खिलाफ हालिया प्रदर्शनों में आम आदमी पार्टी INDIA ब्लॉक से अलग नजर आई है। AAP अब तक INDIA ब्लॉक के प्रदर्शनों में शामिल नहीं हुई है। हालांकि, 7 अक्टूबर को वामपंथी दल के बुलावे पर AAP ने दिल्ली में मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के कार्यालय पर प्रदर्शन किया था।
INDIA ब्लॉक ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कथित वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के मुद्दे पर महारैली आयोजित करने की योजना बनाई है। इससे पहले INDIA ब्लॉक के नेताओं, नागरिक समाज से जुड़े लोगों और छात्र प्रतिनिधियों की बैठक में कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई थी। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग यानी मॉक इम्पीचमेंट आयोजित करना, राजधानी में यात्रा प्रतिबंधों को चुनौती देने के लिए सांसदों का दिल्ली मेट्रो से सफर करना और जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करना शामिल था।
महारैली में 5 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य
बैठक में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को जारी रखने और लोकतंत्र की बहाली के लिए आंदोलन को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई। विपक्षी दलों ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली महारैली में करीब 5 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस आयोजन के जरिए SIR प्रक्रिया और चुनावी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार के खिलाफ दबाव बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति के लिए हाईकोर्ट पहुंची युवा कांग्रेस
इस बीच, भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के दिल्ली पुलिस के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। युवा कांग्रेस ने अपने अध्यक्ष उदय भानु चिब के माध्यम से याचिका दाखिल की है। याचिका में SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मध्य दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी गई है।
याचिकाकर्ता ने दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के 11 अक्टूबर के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद विरोध प्रदर्शनों के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली स्थित सीबीडी मैदान को निर्धारित किया गया है।