नंबर प्लेट छिपाने पर लगेगी धारा 420? सुप्रीम कोर्ट ने साफ की कानूनी स्थिति

Knews Desk- वाहन की नंबर प्लेट छिपाने या ढकने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल नंबर प्लेट ढक देना अपने आप में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का अपराध नहीं माना जा सकता। हालांकि, ऐसा करना मोटर व्हीकल एक्ट और उससे जुड़े नियमों का उल्लंघन हो सकता है, जिसके तहत जुर्माना या अन्य कार्रवाई की जा सकती है।

जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने मोहम्मद अब्दुल अहद शाकर बनाम तेलंगाना राज्य एवं अन्य मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले को रद्द कर दिया।

मामला 5 जून 2020 का है। याचिकाकर्ता मोहम्मद अब्दुल अहद शाकर स्कूटी चला रहे थे। आरोप था कि स्कूटी की पिछली नंबर प्लेट को काले मास्क से ढका गया था। पेट्रोलिंग के दौरान पुलिसकर्मी ने उन्हें रोका और आरोप लगाया कि नंबर प्लेट को चालान से बचने के उद्देश्य से छिपाया गया है। इसके बाद पुलिस ने IPC की धारा 420 के साथ मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था।

हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत

याचिकाकर्ता ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कराने के लिए तेलंगाना हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामला बनने की बात कहते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की परिस्थितियों पर गौर करते हुए पाया कि वाहन की पिछली नंबर प्लेट ढकी हुई थी, लेकिन आगे की नंबर प्लेट साफ दिखाई दे रही थी और उसे आसानी से पढ़ा जा सकता था। ऐसे में कोर्ट ने कहा कि इसे वाहन की पहचान पूरी तरह छिपाने की कोशिश मानना उचित नहीं होगा।

शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि नंबर प्लेट को ढकना मोटर व्हीकल एक्ट और संबंधित नियमों के तहत एक नियामकीय उल्लंघन हो सकता है। इसके लिए संबंधित कानून के तहत कार्रवाई या जुर्माना संभव है, लेकिन केवल इसी आधार पर धोखाधड़ी का मामला नहीं बनाया जा सकता।

धारा 420 के लिए क्या जरूरी?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि धोखाधड़ी का अपराध साबित करने के लिए केवल किसी नियम का उल्लंघन पर्याप्त नहीं है। इसके लिए शुरुआत से बेईमानी की मंशा, किसी व्यक्ति को धोखे से प्रेरित करने और उससे संबंधित कानूनी तत्वों का मौजूद होना जरूरी है।

कोर्ट के मुताबिक, इस मामले में IPC की धारा 420 के आवश्यक तत्व सामने नहीं आते। इसलिए आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की आपराधिक कार्यवाही जारी रखना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मतलब यह नहीं है कि वाहन की नंबर प्लेट ढकना कानूनी रूप से सही है। नंबर प्लेट का स्पष्ट और निर्धारित तरीके से प्रदर्शित होना मोटर व्हीकल नियमों के तहत जरूरी है। इसे जानबूझकर ढकने या अस्पष्ट करने पर संबंधित यातायात और मोटर वाहन नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

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