E20 पेट्रोल से कम होगा बाइक का माइलेज? Hero MotoCorp ने बताई पूरी सच्चाई

Knews Desk- पेट्रोल में एथेनॉल की बढ़ती ब्लेंडिंग को लेकर वाहन मालिकों के बीच लगातार सवाल उठ रहे हैं। खासकर E20 पेट्रोल को लेकर लोगों की सबसे बड़ी चिंता माइलेज को लेकर है। कई बाइक मालिकों का दावा है कि एथेनॉल की मात्रा बढ़ने के बाद उनकी गाड़ियों का माइलेज प्रभावित हुआ है। वहीं, कुछ पुराने दोपहिया वाहनों में इंजन से जुड़ी दिक्कतों की शिकायतें भी सामने आई हैं।

हालांकि, वाहन निर्माता कंपनियां और सरकार यह स्पष्ट करती रही हैं कि तय मानकों के मुताबिक एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल का इस्तेमाल वाहनों के लिए सुरक्षित है। अब देश की प्रमुख दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Hero MotoCorp ने भी एथेनॉल ब्लेंडिंग और माइलेज को लेकर अपनी राय सामने रखी है।

Hero MotoCorp के चीफ बिजनेस ऑफिसर-इंडिया आशुतोष वर्मा ने सरकार के एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम का समर्थन किया है। उन्होंने इसे देश की ऊर्जा जरूरतों के मामले में आत्मनिर्भरता बढ़ाने वाला कदम बताया।

उन्होंने माना कि एथेनॉल की कैलोरिफिक वैल्यू पेट्रोल के मुकाबले कम होती है। ऐसे में पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ने पर माइलेज में कुछ कमी की संभावना रहती है। हालांकि, उनका कहना है कि ऑटो कंपनियां लगातार नई तकनीक और बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी पर काम कर रही हैं, जिससे इस अंतर को कम किया जा सके।

नई तकनीक से माइलेज सुधारने की कोशिश

Hero MotoCorp समेत वाहन कंपनियां ईंधन की खपत कम करने के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रही हैं। इनमें Idle Stop-Start System प्रमुख है। ट्रैफिक में बाइक या स्कूटर कुछ देर रुकने पर यह सिस्टम इंजन को अपने आप बंद कर देता है और वाहन के दोबारा चलने पर इंजन फिर स्टार्ट हो जाता है। इससे बेवजह ईंधन खर्च होने से बचाया जा सकता है।

इसके अलावा लो-रोलिंग रेजिस्टेंस टायर भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इन टायरों में सड़क के साथ कम रेजिस्टेंस होता है, जिससे वाहन को चलाने के लिए कम ऊर्जा की जरूरत पड़ती है और फ्यूल एफिशिएंसी बेहतर करने में मदद मिल सकती है।

दोपहिया बाजार में डिमांड भी बड़ी चुनौती

Hero MotoCorp ने दोपहिया उद्योग की मांग को लेकर भी अपनी बात रखी। कंपनी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में ग्राहकों की डिमांड में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कोरोना महामारी के बाद बाजार में कई ऐसे बदलाव आए, जिनके कारण कंपनियों के लिए भविष्य की बिक्री का अनुमान लगाना मुश्किल रहा।

कंपनी का मानना है कि 2026 में दोपहिया वाहन बाजार के लिए परिस्थितियां बेहतर हैं। हालांकि, आने वाले समय में ग्राहकों की जरूरत और मांग किस तरह बदलती है, इसका अनुमान लगाना कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बना रहेगा। इसी के आधार पर कंपनियों को उत्पादन, निवेश और नई तकनीक से जुड़े फैसले लेने होंगे।

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