उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के पाला बदलने का सिलसिला जारी है। इसी बीच रिटायर्ड IAS अधिकारी राम बहादुर के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की खबर है। वह 26 अक्टूबर को लखनऊ में सपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। मायावती के करीबी रहे राम बहादुर 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुए थे। अब उनके सपा में आने को दलित राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
Knews Desk – उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक तरफ राजनीतिक दल अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं, तो दूसरी तरफ नेताओं के दल बदलने का सिलसिला भी जारी है। इसी कड़ी में रिटायर्ड IAS अधिकारी राम बहादुर अब समाजवादी पार्टी का दामन थामने जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, वह 26 अक्टूबर को लखनऊ में सपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस मौके पर कई बड़े नेताओं के मौजूद रहने की संभावना है। वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भी कार्यक्रम में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
राम बहादुर को बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती का करीबी माना जाता रहा है। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने बसपा की सदस्यता ली थी। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बसपा के टिकट पर लखनऊ की मोहनलालगंज सीट से चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें बेहद कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। दलित पृष्ठभूमि से आने वाले राम बहादुर की राजनीति में सक्रियता को लंबे समय से महत्वपूर्ण माना जाता रहा है।
प्रशासनिक सेवा के दौरान राम बहादुर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वह गोंडा के जिलाधिकारी और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके अलावा वह डॉ. आंबेडकर राष्ट्रीय एकता मंच से भी जुड़े रहे हैं। प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ उनकी सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता भी चर्चा में रही है।
साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले राम बहादुर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे। अब उनके समाजवादी पार्टी में जाने की खबर सामने आई है। इस बदलाव को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की दलित राजनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है।
राम बहादुर की पासी समुदाय और दलित वर्ग में अच्छी पकड़ मानी जाती है। ऐसे में उनके सपा में शामिल होने से पार्टी को अपने पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पार्टी आगामी चुनावों की रणनीति में उनके प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक संपर्कों का लाभ उठाने की कोशिश कर सकती है।
फिलहाल राम बहादुर के 26 अक्टूबर को सपा में शामिल होने की खबर है। इस कार्यक्रम में कौन-कौन से नेता मौजूद रहेंगे और पार्टी में उन्हें आगे क्या जिम्मेदारी दी जाएगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।