KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश में आगामी मोहर्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मोहर्रम शोक और श्रद्धांजलि का अवसर है, न कि शक्ति प्रदर्शन का मंच। ऐसे में जुलूसों के दौरान किसी भी प्रकार के हथियारों के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था और त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्थानीय स्तर पर धार्मिक और सामाजिक संगठनों से लगातार संवाद बनाए रखें तथा किसी भी संभावित विवाद को पहले ही सुलझाने का प्रयास करें।
सीएम योगी ने कहा कि मोहर्रम के जुलूसों में कानफोड़ू डीजे, ढोल और ताशों के अनियंत्रित उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि शांति और सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई नई परंपरा शुरू न हो, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने ताजियों की ऊंचाई को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए और 10 से 12 फीट से अधिक ऊंची ताजियों को अनुमति न दी जाए। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अव्यवस्था से बचाव करना है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान करती है, लेकिन सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए त्योहारों के दौरान नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य होगा।
गौरतलब है कि मोहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना माना जाता है और यह इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाता है। मुस्लिम समुदाय के लिए इसका विशेष धार्मिक महत्व है और इसे शोक एवं श्रद्धांजलि के रूप में मनाया जाता है।