KNEWS DESK- भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना श्रद्धा, भक्ति और आराधना का विशेष समय माना जाता है। इस पूरे माह में शिव पूजा का महत्व रहता है, लेकिन सावन के सोमवार का स्थान सबसे विशेष माना गया है। वर्ष 2026 में सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं, शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं और भोलेनाथ से सुख, समृद्धि तथा परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं।
मान्यता है कि सावन सोमवार के दिन श्रद्धापूर्वक भगवान शिव का अभिषेक और पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में आने वाली बाधाओं से मुक्ति मिलने की कामना की जाती है। यदि आप भी इस पावन अवसर पर महादेव की विशेष पूजा करना चाहते हैं, तो जानिए अभिषेक की सही विधि और पूजन सामग्री।
सावन का पहला सोमवार कब है?
साल 2026 में सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई से हुई है। पहला सावन सोमवार 3 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इसके बाद सावन के अन्य सोमवार 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त को आएंगे। इन दिनों शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। जो लोग मंदिर नहीं जा पाते, वे घर पर भी शिवलिंग स्थापित कर विधिपूर्वक पूजा कर सकते हैं।
सावन सोमवार पर भगवान शिव का अभिषेक कैसे करें?
- सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई कर भगवान शिव का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें।
- अभिषेक की शुरुआत शिवलिंग को स्वच्छ जल से स्नान कराने से करें। इसके बाद धीरे-धीरे जल अर्पित करें। यदि संभव हो तो जल में थोड़ा गंगाजल मिलाकर अभिषेक करें।
- जलाभिषेक के बाद शिवलिंग पर दूध अर्पित करें और फिर एक बार पुनः स्वच्छ जल से स्नान कराएं। इसके पश्चात भगवान शिव को श्रद्धापूर्वक बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, सफेद पुष्प, चंदन, अक्षत और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें।
- ध्यान रखें कि बेलपत्र ताजा, स्वच्छ और बिना कटे-फटे होने चाहिए। अंत में धूप-दीप जलाकर भगवान शिव की आरती करें और अपनी मनोकामना व्यक्त करें।
अभिषेक के समय करें इन मंत्रों का जाप
भगवान शिव के अभिषेक के दौरान मंत्र जाप करने का विशेष महत्व माना गया है। पूजा के समय श्रद्धापूर्वक निम्न मंत्रों का जाप किया जा सकता है— ॐ नमः शिवाय, महामृत्युंजय मंत्र मंत्र जाप से पूजा अधिक एकाग्रता और श्रद्धा के साथ संपन्न होती है।
शिवलिंग पर क्या-क्या अर्पित करें?
सावन सोमवार के अवसर पर भगवान शिव को निम्न सामग्री अर्पित की जाती है—स्वच्छ जल, गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, सफेद पुष्प, चंदन, अक्षत, धूप और दीप श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई पूजा को धार्मिक परंपराओं में विशेष महत्व दिया गया है।
सावन सोमवार का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दिन व्रत, जलाभिषेक और शिव मंत्रों का जाप करने से भक्त भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने की कामना करते हैं। सावन सोमवार पर की गई पूजा को आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।
पूजा-विधि और धार्मिक मान्यताएं विभिन्न परंपराओं एवं क्षेत्रों के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। श्रद्धालु अपने परिवार की परंपरा या स्थानीय विद्वान की सलाह के अनुसार पूजा कर सकते हैं।