KNEWS DESK- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस और उनके OSD राजबीर सिंह घुम्मन से जुड़े ठिकानों पर CBI की कार्रवाई के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। संगरूर में CM मान ने आरोप लगाया कि छापेमारी से पता चल गया है कि पंजाब में चुनाव आने वाले हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही विपक्षी नेताओं और उनके परिवारों को जांच एजेंसियों के जरिए परेशान करना बीजेपी का तरीका है।
मान ने दावा किया कि CBI की छापेमारी में अधिकारियों को कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी के अधिकारी कार्रवाई के बाद चले गए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई का मकसद उन्हें, उनके परिवार और पंजाब सरकार को बदनाम करना है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने कुछ गलत नहीं किया है तो वह किसी भी जांच से डरने वाले नहीं हैं। वहीं, CBI के मुताबिक पंजाब और चंडीगढ़ में आठ ठिकानों पर तलाशी ली गई और इस दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन तथा दस्तावेज जब्त किए गए हैं। एजेंसी ने यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद दर्ज FIR के आधार पर की है।
CBI ने भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत छह लोगों को आरोपी बनाया है। FIR में नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आरएस नागरा के नाम भी शामिल हैं। CBI के अनुसार, आरोपियों पर अधिकारियों की पोस्टिंग, विभागीय कार्रवाई, नीतिगत फैसलों, प्रशासनिक मंजूरियों, टेंडर, लाइसेंसिंग और राजस्व से जुड़े मामलों को प्रभावित करने के बदले कथित आर्थिक लाभ लेने के आरोप हैं।
हाईकोर्ट ने 5 अक्टूबर को CBI को मामले की जांच सौंपते हुए FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। अदालत ने CBI से दो महीने में रिपोर्ट देने को कहा है। पंजाब सरकार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।