KNEWS DESK- सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार, 6 अक्टूबर को तीन नए जजों ने ईश्वर के नाम पर शपथ ली। इनमें जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अपारेश कुमार सिंह शामिल हैं। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने तीनों जजों को पद की शपथ दिलाई।
जस्टिस सुनीता अग्रवाल गुजरात हाईकोर्ट की जज रह चुकी हैं। वहीं, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय दिल्ली हाईकोर्ट के जज और जस्टिस अपारेश कुमार सिंह तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं। शपथ ग्रहण समारोह में सुप्रीम कोर्ट के कई जज, अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अन्य वरिष्ठ वकील मौजूद रहे। तीन नए जजों के शामिल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है।
जस्टिस सुनीता अग्रवाल सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होने वाली 13वीं महिला जज हैं। उनके शपथ लेने के बाद शीर्ष अदालत में महिला जजों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। उनके अलावा जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस वी. मोहना सुप्रीम कोर्ट की मौजूदा महिला जज हैं। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना अगले साल 24 सितंबर को देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनने वाली हैं।
जस्टिस एन.वी. रमना के कार्यकाल में सुप्रीम कोर्ट में एक समय चार महिला जज एक साथ थीं। इनमें जस्टिस इंदिरा बनर्जी, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी शामिल थीं। इनमें से आखिरी तीन जजों ने 31 अगस्त 2021 को शपथ ली थी।
उस समय जस्टिस रमना की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने तीन महिला जजों की नियुक्ति की सिफारिश की थी। वहीं, मौजूदा CJI सूर्य कांत की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने अब तक दो महिला जजों की नियुक्ति की है।