KNews Desk– अगर आप घर खरीदने, कार लेने या पर्सनल लोन लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपका CIBIL Score काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। बैंक और वित्तीय संस्थान लोन देने से पहले आवेदक की क्रेडिट हिस्ट्री और क्रेडिट स्कोर को देखते हैं। कम CIBIL Score होने पर लोन मिलने में दिक्कत आ सकती है या बैंक ज्यादा ब्याज दर पर लोन दे सकता है। हालांकि, अगर आपका क्रेडिट स्कोर कमजोर है तो घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ जरूरी वित्तीय आदतों में बदलाव करके इसे धीरे-धीरे बेहतर किया जा सकता है।
CIBIL Score आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर तैयार होता है। इसमें आपने पहले लिए गए लोन या क्रेडिट कार्ड का भुगतान किस तरह किया, कितनी रकम उधार ली, उपलब्ध क्रेडिट लिमिट का कितना इस्तेमाल किया और कितनी बार नए लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया जैसे कई फैक्टर शामिल होते हैं। इसलिए स्कोर सुधारने के लिए सबसे पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को समझना जरूरी है।सबसे पहला और सबसे जरूरी कदम है कि अपनी EMI और क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान समय पर करें। भुगतान में देरी या डिफॉल्ट आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए कोशिश करें कि EMI की तारीख से पहले खाते में पर्याप्त रकम मौजूद हो। क्रेडिट कार्ड का बिल भी समय पर चुकाएं। जरूरत पड़ने पर बैंक की ऑटो-पेमेंट सुविधा या रिमाइंडर का इस्तेमाल किया जा सकता है, ताकि भुगतान की तारीख मिस न हो।
दूसरा तरीका है क्रेडिट कार्ड की लिमिट का बहुत ज्यादा इस्तेमाल न करना। अगर आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट 1 लाख रुपये है और आप हर महीने उसका अधिकांश हिस्सा इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह आपकी क्रेडिट प्रोफाइल पर असर डाल सकता है। इसलिए उपलब्ध क्रेडिट लिमिट के मुकाबले खर्च को नियंत्रित रखना बेहतर है। साथ ही कोशिश करें कि क्रेडिट कार्ड का बकाया लंबे समय तक जमा न हो।तीसरा महत्वपूर्ण कदम पुराने बकाये को खत्म करना है। अगर किसी लोन या क्रेडिट कार्ड की रकम लंबे समय से बकाया है, तो उसे नजरअंदाज न करें। अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार बकाया राशि को चुकाने की योजना बनाएं। पुराने डिफॉल्ट या भुगतान में देरी का रिकॉर्ड तुरंत खत्म नहीं होता, लेकिन आगे लगातार समय पर भुगतान करने से क्रेडिट प्रोफाइल में धीरे-धीरे सुधार हो सकता है।
चौथा तरीका है कम समय में कई लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने से बचना। जब कोई व्यक्ति एक साथ कई जगह लोन के लिए आवेदन करता है, तो उसकी क्रेडिट हिस्ट्री की कई बार जांच हो सकती है। बहुत कम समय में कई क्रेडिट एप्लीकेशन करना आपकी क्रेडिट प्रोफाइल के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जाता। इसलिए नया लोन लेने से पहले अपनी जरूरत और भुगतान क्षमता का आकलन करें और सोच-समझकर आवेदन करें।पांचवां और अहम तरीका है अपनी CIBIL Report को नियमित रूप से चेक करना। कभी-कभी क्रेडिट रिपोर्ट में ऐसी जानकारी भी दिखाई दे सकती है जो गलत हो या आपकी न हो। उदाहरण के लिए किसी ऐसे लोन का रिकॉर्ड दिखाई दे सकता है जिसे आपने नहीं लिया या किसी भुगतान की स्थिति गलत दर्ज हो सकती है। ऐसी स्थिति में संबंधित संस्था और क्रेडिट ब्यूरो के सामने सुधार के लिए शिकायत की जा सकती है।
ध्यान रखें कि CIBIL Score में सुधार तुरंत नहीं होता। अगर आप लगातार समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करते हैं, क्रेडिट लिमिट का समझदारी से इस्तेमाल करते हैं और अनावश्यक लोन लेने से बचते हैं, तो कुछ महीनों में आपकी क्रेडिट प्रोफाइल में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे सकता है। छह महीने तक वित्तीय अनुशासन बनाए रखना मददगार हो सकता है, लेकिन सुधार की वास्तविक गति हर व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री और मौजूदा स्कोर पर निर्भर करती है।इसलिए कमजोर CIBIL Score को लेकर परेशान होने के बजाय अपनी वित्तीय आदतों पर ध्यान देना जरूरी है। समय पर भुगतान, सीमित क्रेडिट इस्तेमाल, पुराने बकाये को निपटाना, अनावश्यक क्रेडिट एप्लीकेशन से बचना और क्रेडिट रिपोर्ट की नियमित जांच जैसे कदम लंबे समय में आपके स्कोर को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।