KNEWS DESK- छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और दर्ज हो रही एफआईआर को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध-प्रदर्शन में शामिल छात्रों को अब भी निशाना बनाया जा रहा है और कहा कि “ये अपनी आदतों से बाज नहीं आएंगे।”
प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि बिहार और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और सवाल उठाया कि क्या लोकतांत्रिक देश में छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार उचित है। उन्होंने यह भी कहा कि कई छात्राओं के परिजनों को धमकी भरे फोन आने की शिकायतें मिली हैं। उनके अनुसार, लोकतंत्र में लड़कियों को भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन का पूरा अधिकार है। इस बीच, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार समेत कई राज्यों से छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने तथा गिरफ्तार किए जाने की रिपोर्टें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन स्थगित करने का फैसला केंद्र सरकार के उस आश्वासन के बाद लिया गया था, जिसमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने की बात कही गई थी।
सौरव दास ने केंद्र सरकार से मांग की कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तत्काल रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं। उन्होंने कहा कि उनकी कानूनी टीम प्रभावित छात्रों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों से सरकार के वादे का सम्मान करने और लिखित गारंटी देने की अपील की। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा और आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरे मामले पर देश के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
फिलहाल, छात्रों के खिलाफ कार्रवाई और सरकार द्वारा दिए गए कथित आश्वासनों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष लगातार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और हिरासत में लिए गए छात्रों की रिहाई की मांग कर रहा है।