Knews Desk- अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित करोड़ों रुपये की चोरी के मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों से पुलिस ने कोर्ट की अनुमति के बाद जेल में करीब दो घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दीं, जिनके आधार पर जांच अब और गहराई तक पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि चढ़ावे की गिनती और नकदी के प्रबंधन की प्रक्रिया में मौजूद खामियों का फायदा उठाकर लंबे समय तक रकम की कथित हेराफेरी की जाती रही। उन्होंने यह भी बताया कि किस तरह चढ़ावे की गिनती, पैकिंग और जमा करने की पूरी प्रक्रिया में अलग-अलग लोगों की भूमिकाएं तय थीं। पुलिस इन दावों का दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से मिलान कर रही है।
जांच एजेंसियों का फोकस अब केवल बरामद नकदी तक सीमित नहीं है। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, संपत्तियों, वित्तीय लेनदेन और कथित निवेश की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित तौर पर गबन की गई राशि कहां-कहां खर्च की गई। इसके अलावा यह भी जांच हो रही है कि इस पूरे मामले में गिरफ्तार लोगों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) पहले ही मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर चुकी है। इसी क्रम में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा से भी चढ़ावे की प्राप्ति, गिनती और बैंक में जमा करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल पूछे गए। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि निगरानी व्यवस्था में कहां चूक हुई और जिम्मेदारियां किस स्तर तक तय होती थीं।
इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान पुलिस बड़ी मात्रा में नकदी भी बरामद कर चुकी है। शुरुआती जांच में चढ़ावे की सुरक्षा और गिनती से जुड़ी मानक प्रक्रियाओं (SOP) के पालन में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं, जिनकी भी अलग से जांच की जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। ट्रस्ट ने कहा है कि श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और जांच में पूरा सहयोग दिया जाएगा। मामले के सामने आने के बाद चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा भी सौंप दिया था, जिसे ट्रस्ट ने स्वीकार किए जाने की पुष्टि की थी।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से मिली नई जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ से मिले इन नए सुरागों के आधार पर आने वाले दिनों में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।