KNEWS DESK – केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी जंतर-मंतर लाठीचार्ज का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी घमासान जारी है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर घटना की जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने पत्र में आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने रविवार को अपना पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर भी साझा किया। उन्होंने कहा कि छात्र शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल
अपने पत्र में राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छात्र घायल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान छात्राओं के साथ भी मारपीट हुई। राहुल गांधी ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अमित शाह से पूछे दो सीधे सवाल
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह से दो प्रमुख सवाल पूछे हैं।
- क्या छात्रों के खिलाफ पैलेट गन सहित घातक बल के इस्तेमाल की मंजूरी गृह मंत्रालय की ओर से दी गई थी? यदि नहीं, तो इसका आदेश किसने दिया?
- सादे कपड़ों में छात्रों पर लाठीचार्ज करते दिखाई देने वाले लोग कौन थे? क्या वे पुलिसकर्मी थे या अन्य व्यक्ति, और उनकी तैनाती का आदेश किसने दिया?
लोकतंत्र में विरोध का अधिकार जरूरी
राहुल गांधी ने पत्र में लिखा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किसी भी लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उनकी शिकायतों का समाधान बातचीत के माध्यम से निकाले। उन्होंने कहा कि यदि बल प्रयोग के आरोप सही हैं तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों और स्थापित नियमों के खिलाफ है।
राहुल गांधी ने पत्र में दावा किया कि मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आए फोटो और वीडियो में कई छात्रों के गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई है। उन्होंने 19 वर्षीय छात्र साहिल का जिक्र करते हुए कहा कि कथित तौर पर पैलेट गन की चोट के कारण उसकी एक आंख की रोशनी जाने का खतरा बताया गया है। राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में तैनात सुरक्षा बल अंततः गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करते हैं, इसलिए इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।