अलगाववादी नेता Shabir Shah पर NIA का शिकंजा, 1996 हिंसा केस में जम्मू कोर्ट ने दो हफ्ते की रिमांड दी

KNEWS DESK – अलगाववादी नेता Shabir Shah को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) की विशेष अदालत ने उन्हें दो हफ्ते की रिमांड पर भेज दिया है। इससे पहले उन्हें जम्मू स्थित अदालत में पेश किया गया, जहां से आगे की पूछताछ के लिए रिमांड मंजूर की गई।

NIA ने शब्बीर शाह को शुक्रवार को न्यायिक हिरासत से गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी 17 जुलाई 1996 के एक पुराने मामले से जुड़ी है, जिसमें एक आतंकी के जनाजे के दौरान भीड़ के हिंसक हो जाने और नारेबाजी के बाद स्थिति बिगड़ गई थी। इसी दौरान कथित तौर पर कुछ आतंकियों ने फायरिंग की थी, जिसमें सुरक्षाबल के जवान घायल हुए थे।

इससे पहले उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से NIA को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली थी। इसके बाद उन्हें जम्मू लाकर अदालत में पेश किया गया और अब जांच एजेंसी को दो हफ्ते की कस्टडी रिमांड मिल गई है, ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके।

परिवार की ओर से बताया गया है कि गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है, लेकिन इस घटना के बाद से उनकी शब्बीर शाह से कोई बातचीत नहीं हो पाई है।

यह मामला उस समय सामने आया है जब हाल के महीनों में उन्हें अलग-अलग मामलों में राहत मिली थी। 12 मार्च 2026 को उन्हें एक अन्य NIA केस में Supreme Court of India द्वारा जमानत दी गई थी। इसके बाद 28 मार्च 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी उन्हें राहत मिली थी। हालांकि, अब एक पुराने मामले में फिर से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।

अलग-अलग अदालतों में चली सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया था कि उनके खिलाफ आरोपों में गवाहों को प्रभावित करने और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

NIA ने 2017 में दर्ज एक मामले में आरोप लगाया था कि शब्बीर शाह पर टेरर फंडिंग, पत्थरबाजी के लिए फंड जुटाने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसी साजिशों में भूमिका रही है। जांच एजेंसी के अनुसार, हवाला नेटवर्क और सीमापार व्यापार के जरिए धन जुटाने के आरोप भी उन पर लगे हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर हिंसक गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *