23 अक्टूबर को SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन होगा। इस बीच, जमानत पर रिहा हुए CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के लिए बुलाया है।
Knews Desk- स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार, 23 अक्टूबर को देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया गया है। ‘पीपल अगेंस्ट SIR’ के बैनर तले सिविल सोसाइटी संगठनों, छात्र संघों, किसान संगठनों और अल्पसंख्यक संगठनों के साझा गठबंधन ने विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। आयोजकों ने इंडिया ब्लॉक से भी आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है।
आंदोलन के आयोजकों का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्य चुनाव आयुक्त के संवैधानिक पद का इस्तेमाल निजी स्वार्थों के लिए किया है। गठबंधन ने लोगों से देशभर में पैदल मार्च निकालने और हाथों में तिरंगा लेकर विरोध दर्ज कराने की अपील की है।
आंदोलन की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना और उन पर मुकदमा चलाना, SIR के तहत तैयार मतदाता सूची रद्द करना, हटाए गए मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ना, चुनाव आयुक्त अधिनियम 2023 को निरस्त करना, निष्पक्ष तरीके से नए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और बैलेट पेपर से मतदान कराना शामिल है।
वहीं, CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के लिए नोटिस दिया है। दोनों नेताओं को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में मान्यता देने वाली अधिसूचना रद्द कर दी थी। इसके विरोध में तिरंगा लहराने के बाद दोनों नेताओं समेत अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया था।
विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने बुधवार को सौरव दास और आशुतोष रांका को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। दोनों ने हलफनामे में शांति भंग नहीं करने और जंतर-मंतर के अधिसूचित प्रदर्शन स्थल नहीं रहने तक वहां विरोध प्रदर्शन की अपील नहीं करने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उनका कोई भी विरोध संवैधानिक दायरे में रहेगा।
जेल से बाहर आने के बाद दोनों नेताओं को क्राइम ब्रांच ने जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया। अजिंक्य शिंदे को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। पुलिस के मुताबिक, मामला सरकारी आदेश का पालन नहीं करने और दूसरी की संपत्ति में प्रवेश कर जंतर-मंतर पहुंचने से जुड़ा है।
फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि सौरव दास और आशुतोष रांका देशव्यापी आंदोलन में शामिल होंगे या नहीं। दोनों की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।