KNEWS DESK – पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब राज्यपाल आरएन रवि ने 17वीं विधानसभा को भंग करने का आदेश जारी कर दिया। यह कदम 2026 विधानसभा चुनाव परिणामों और राजनीतिक हालात को देखते हुए उठाया गया है।
राज्यपाल ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश जारी किया। इस संबंध में 6 मई 2026 को एक विशेष गजट अधिसूचना (नोटिफिकेशन नंबर: 275-P.A./1L-03/2026) भी प्रकाशित की गई। इसके अनुसार, पश्चिम बंगाल विधानसभा 7 मई 2026 से औपचारिक रूप से भंग मानी जाएगी।
विधानसभा भंग के साथ खत्म हुआ मौजूदा कार्यकाल
सरकारी निर्देश के अनुसार, मौजूदा 17वीं विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो गया है और अब 18वीं विधानसभा के गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस आदेश पर राज्य के मुख्य सचिव दुष्यंता नरियाला (IAS) ने हस्ताक्षर किए और इसे जनहित में जारी किया गया।

आम तौर पर चुनाव परिणामों के बाद नई सरकार के गठन से पहले विधानसभा को भंग करना एक संवैधानिक प्रक्रिया मानी जाती है। इसी परंपरा के तहत यह कदम उठाया गया है।
चुनाव परिणाम और राजनीतिक हालात
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 293 सीटों में से 207 सीटों पर जीत हासिल की है, जिससे राज्य में पहली बार बीजेपी सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच गई है। वहीं, ममता बनर्जी की पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा।
चुनाव परिणाम के बाद ममता बनर्जी ने कई सीटों पर “वोट चोरी” का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद राजनीतिक गतिरोध की स्थिति बन गई थी, जिसके बीच विधानसभा भंग करने का निर्णय सामने आया।
नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू
अब राज्य में नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। भाजपा ने अपने विधायकों की बैठक बुला ली है, जिसमें विधायक दल के नेता का चयन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी कोलकाता पहुंच रहे हैं और पूरी रणनीति की निगरानी करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में आयोजित किया जा सकता है। इस भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं।
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर SPG और कोलकाता पुलिस की तैनाती होगी, जबकि ब्रिगेड मैदान के बाहर केंद्रीय सुरक्षा बलों को लगाया जाएगा।