उन्नाव में मिलन बाबा की हत्या के बाद बड़ा प्रशासनिक प्रहार, आरोपियों के आसियाने में गरजा बुलडोजर, जानिए पूरा मामला ?

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में पूर्व में हुई सन्यासी मिलन बाबा की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने अब अपनी कार्रवाई को बेहद तेज कर दिया है। दिनदहाड़े चाकू से गोदकर की गई इस जघन्य वारदात के बाद से ही इलाके में उपजा जनाक्रोश शांत नहीं हुआ था। इसी कड़ी में कानून व्यवस्था को सख्त संदेश देने के लिए प्रशासन ने अब उस विवादित स्थल पर सीधे बुलडोजर चला दिया है, जहां इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर बुधवार को उस अहाते के भीतर बनी बैठक और बाउंड्री वॉल को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया, जहां पूर्व में बाबा की हत्या की गई थी। बताया जा रहा है कि यह जगह एक स्थानीय सभासद की है, जिसने नियमों को ताक पर रखकर यहाँ अवैध निर्माण कराया हुआ था। यह सभासद खुद भी इस पूरे मामले में संदिग्ध माना जा रहा है।

साक्ष्य जुटाने के बाद हुई कार्रवाई

कानूनविदों और विशेषज्ञों की देखरेख में बुलडोजर की इस कार्रवाई से पहले पुलिस प्रशासन ने बेहद सतर्कता बरती। ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले फॉरेंसिक टीम और पुलिस बल ने घटनास्थल से जुड़े सभी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और भौतिक सबूत पूरी तरह से एकत्र कर सुरक्षित कर लिए थे, ताकि अदालत में केस कमजोर न पड़े।

क्या थी पूर्व में हुई यह पूरी वारदात?

यह पूरा मामला नगर के घूरे टोला मोहल्ला निवासी 46 वर्षीय मिलन अर्कवंशी (मिलन बाबा) से जुड़ा है, जो सन्यासी जीवन व्यतीत करते हुए बोधेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करते थे। पूर्व में, जब वह बाईपास मार्ग के पास पुरबिया टोला क्षेत्र में पहुंचे थे, तब कुछ लोगों से उनका विवाद हो गया था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि हमलावरों ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए थे, जिससे अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी स्थानीय निवासियों के अनुसार, मिलन बाबा वहां एक नए मंदिर का निर्माण करा रहे थे और सुबह-शाम लाउडस्पीकर से भजन-कीर्तन व आरती करते थे। आशंका जताई जा रही है कि कुछ असामाजिक तत्वों को उनका यह धार्मिक कृत्य पसंद नहीं था और वे इसी बात से खुन्नस खाए बैठे थे।

मंदिर के पास दी गई समाधि, भारी पुलिस बल तैनात

पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलन बाबा के शव को उनके पैतृक आवास लाया गया, जहां पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में निर्माणाधीन मंदिर के पास ही उन्हें पूरे रीति-रिवाज के साथ समाधि दी गई। बाबा की समाधि के बाद ही स्थानीय लोगों ने आरोपियों के ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग उठाई थी। फिलहाल घटना के बाद से ही पूरे इलाके में सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसे देखते हुए चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस अधीक्षक (SP) जेपी सिंह ने बताया कि मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों—इजराइल, लल्ली, यामीन, शालू और शफीक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। इनमें से तीन आरोपियों (लल्ली, यामीन और शफीक) को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है। वारदात का मुख्य आरोपी और एक अन्य साथी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

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