KNEWS DESK- महाराष्ट्र के पुणे में जहरीली शराब कांड ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिंपरी-चिंचवड़ और हडपसर इलाके में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत के बाद पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हडपसर थाने के तीन पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।
इस दर्दनाक घटना में पिंपरी-चिंचवड़ के दापोडी और फुगेवाड़ी इलाके में 9 लोगों की जान गई, जबकि हडपसर क्षेत्र में 5 लोगों की मौत हुई थी। कुल मिलाकर 14 लोगों की मौत ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।
जांच में सामने आया कि हडपसर थाना क्षेत्र में अवैध और जहरीली देसी शराब के कारोबार पर रोक लगाने में पुलिस अधिकारियों की गंभीर लापरवाही रही। समय रहते कार्रवाई न होने और कमजोर निगरानी के चलते यह अवैध कारोबार फलता-फूलता रहा, जिसका नतीजा यह दर्दनाक हादसा रहा।
इसी के चलते हडपसर थाने से जुड़े तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जिनमें सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर संजय मोगले, असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर हसीना सिकलगर, पुलिस सब-इंस्पेक्टर हसन मुलाणी शामिल हैं।
इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े को गिरफ्तार कर लिया है, जिस पर नकली और जहरीली शराब बनाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इसके अलावा पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने कर्नल सिंह विरखा और उनके बेटे गुरु मंगल सिंह को भी गिरफ्तार किया है। इन पर नकली शराब की सप्लाई और बिक्री में शामिल होने का आरोप है। पुलिस के अनुसार इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले में 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस और प्रशासन की टीमें जांच में जुटी हुई हैं और अवैध शराब के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर अवैध शराब कारोबार और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।