जबलपुर क्रूज हादसा: सीएम मोहन यादव ने किया मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता और उच्च स्तरीय जांच का ऐलान

डिजिटल डेस्क- मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में बरगी बांध के अथाह जल विस्तार में हुआ क्रूज हादसा प्रदेश के लिए एक बड़ी त्रासदी बनकर उभरा है। इस हृदयविदारक घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जानकारी के अनुसार यह हादसा अचानक आए तीव्र चक्रवात की वजह से हुआ है, लेकिन वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शासन-प्रशासन को सक्रिय कर दिया था। उन्होंने कहा, “बरगी बांध में हुई इस दुर्घटना ने मन को झकझोर दिया है। जो जनहानि हुई है, वह अत्यंत पीड़ादायक है। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी और पूरी सरकार की गहरी संवेदनाएं हैं।” मुख्यमंत्री ने बताया कि कल ही पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और एसीएस संजय दुबे सहित वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर रवाना कर दिया गया था।

रेस्क्यू टीम की जांबाजी: 15 अगस्त को होगा सम्मान

इस त्रासदी के बीच राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) की तत्परता ने कई जिंदगियां बचा लीं। मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों की सराहना करते हुए कहा कि रेस्क्यू टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर काम किया। जानकारी के मुताबिक, क्रूज के कुछ हिस्सों को काटकर अब तक 29 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिन रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकाला है, उन्हें आगामी 15 अगस्त को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उनकी कर्तव्यनिष्ठा और साहस का प्रतीक होगा।

पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख की सहायता

राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, प्रत्येक मृतक के परिवार को राज्य शासन की ओर से 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि राहत राशि वितरण की प्रक्रिया में कोई विलंब न हो। चक्रवात को हादसे की प्राथमिक वजह बताया जा रहा है, लेकिन जांच के आदेश के साथ ही अब कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। क्या क्रूज पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे? क्या मौसम खराब होने की चेतावनी के बावजूद क्रूज को पानी में उतारा गया? क्या लाइफ जैकेट्स और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे? इन सभी बिंदुओं पर मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट तलब की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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