KNEWS DESK– अभिनेता इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने के फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के नोटिस के बाद उनकी कानूनी टीम ने सफाई दी है। वकीलों का कहना है कि अभिनेता पिछले शनिवार को अगस्त क्रांति मैदान में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे, बल्कि वह उस समय वहां से गुजर रहे थे। उनकी टीम अब इस दावे के समर्थन में इलाके के CCTV फुटेज हासिल करने की तैयारी कर रही है।
इमरान खान की कानूनी टीम एमजेएम लीगल एलएलपी के वकील जुल्फिकार मेमन, परवेज मेमन और चिराग नाइक ने कहा कि अभिनेता नाना चौक से गुजर रहे थे। इसी दौरान रास्ते में बैरिकेडिंग लगी हुई थी और वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने उनसे बातचीत शुरू कर दी। वकीलों के मुताबिक, अभिनेता का विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का कोई इरादा नहीं था।
कानूनी टीम ने पुलिस से संबंधित इलाके के CCTV फुटेज उपलब्ध कराने की मांग करने का फैसला किया है। वकीलों का कहना है कि फुटेज से यह स्पष्ट हो सकेगा कि अभिनेता केवल राहगीर के तौर पर वहां मौजूद थे।
दरअसल, पिछले शनिवार को अगस्त क्रांति मैदान में सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इसका आह्वान तुषार गांधी ने किया था। मौके पर मीडिया से बातचीत के दौरान इमरान खान ने कहा था कि वह एक नागरिक के तौर पर वहां आए हैं। उन्होंने आवाजाही की स्वतंत्रता पर रोक लगाने और लोगों की आवाज दबाने को लेकर सवाल उठाए थे। इसके तुरंत बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था।
इस मामले में पूर्व भाजपा सांसद किरीट सोमैया ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि विदेशी नागरिक होने के कारण इमरान खान को सरकारी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करने का अधिकार नहीं है।
इसके बाद FRRO ने अभिनेता को 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का नोटिस जारी किया। पुलिस ने इमरान खान समेत अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बिना अनुमति अवैध रूप से एकत्र होने के आरोप में मामला भी दर्ज किया है। फिलहाल, अभिनेता की कानूनी टीम अपने पक्ष को साबित करने के लिए CCTV फुटेज की मांग करने की तैयारी में है।