Knews Desk– अभिनेता इमरान खान ने FRRO के भारत छोड़ने संबंधी नोटिस को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में उन्होंने आरोप लगाया है कि बिना ठोस कारण बताए और अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना नोटिस जारी किया गया, जो संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है।
अभिनेता इमरान खान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के नोटिस पर रोक लगाने की मांग की है। याचिका के मुताबिक, नोटिस में किसी विशेष कानूनी प्रावधान के उल्लंघन, ठोस सबूत या सुरक्षा रिपोर्ट का उल्लेख नहीं किया गया है। इमरान ने इसे मनमाना और असंवैधानिक कदम बताया है।
याचिका में कहा गया है कि इमरान खान को बिना किसी पूछताछ या आरोपों का जवाब देने का अवसर दिए नोटिस जारी किया गया। उन्होंने अपनी हिरासत को भी गलत बताया। उनके अनुसार, जब वह मौके पर पहुंचे, तब वहां कोई जमावड़ा नहीं था और न ही वह किसी बैरिकेड या प्रतिबंधित क्षेत्र में गए थे। उन्होंने पुलिस के वहां से जाने के निर्देश का पालन किया, लेकिन मीडिया द्वारा घेर लिए जाने के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
इमरान खान ने दावा किया है कि उन्होंने इमिग्रेशन एक्ट के किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है। वह दो साल की उम्र से भारत में रह रहे हैं और उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि सार्वजनिक हस्ती होने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
वकील जुल्फिकार मेमन, परवेज मेमन और चिराग नाइक के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि नोटिस में कथित उल्लंघन से जुड़े किसी विशिष्ट आदेश या दस्तावेज का उल्लेख नहीं है। इमरान ने अदालत से नोटिस पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए इसे अधिकारों का दुरुपयोग बताया है।