दिल्ली पुलिस ने सुलझाया DU प्रोफेसर हत्याकांड, पति-पत्नी गिरफ्तार, संपत्ति हड़पने का था मकसद

KNEWS DESK- दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर देवोस्मिता पॉल (45) की निर्मम हत्या का मामला दिल्ली पुलिस ने मात्र तीन दिनों में सुलझा लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी पति-पत्नी को पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर दिल्ली लाया जा रहा है।

4 जून की दोपहर करीब ढाई बजे वसुंधरा एन्क्लेव स्थित ‘सत्यम अपार्टमेंट’ के एक फ्लैट में देवोस्मिता पॉल का शव खून से लथपथ पड़ा मिला। उनकी बहन ने रोते हुए पीसीआर कॉल पर सूचना दी। पुलिस टीम पहुंची तो देखा कि प्रोफेसर की हाथ की नस काट दी गई थी। घर में न लूटपाट के कोई निशान थे, न कैश या जेवरात गायब थे। यह साफ संकेत था कि हत्या का मकसद लूट नहीं, बल्कि कुछ और था।

जांच में पुलिस को पता चला कि मृतका पश्चिम बंगाल में अपने नाना की एक संपत्ति की मालकिन थीं। आरोपी पति-पत्नी उसी संपत्ति में किराएदार के रूप में रहते थे। वे लंबे समय से इस संपत्ति पर कब्जा करने की फिराक में थे और प्रोफेसर पर लगातार दबाव डाल रहे थे।

पुलिस के अनुसार, हत्या वाले दिन आरोपी दंपति अपने बच्चे के साथ बंगाल से दिल्ली पहुंचे। वे प्रोफेसर से मिलने के बहाने सोसायटी में सामान्य तरीके से दाखिल हुए ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद उन्होंने अपने साथ लाया गया हथियार इस्तेमाल कर देवोस्मिता पॉल की बेरहमी से हत्या कर दी।

दिल्ली पुलिस की टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। आखिरकार वर्धमान जिले से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपी मूल रूप से पश्चिम बंगाल के वर्धमान (बर्दवान) के रहने वाले हैं।

दोनों आरोपियों को दिल्ली लाया जा रहा है। पुलिस उनकी रिमांड मांगते हुए अदालत में पेश करेगी। मामले की आगे की जांच जारी है।देवोस्मिता पॉल शिवाजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थीं। उनकी अचानक इस कुरूप हत्या से पूरे कॉलेज परिसर में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में कोई तीसरा व्यक्ति शामिल नहीं है और पूरे हत्याकांड की पोल पूरी तरह खुल चुकी है।

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