Knews Desk– दिल्ली में नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों का आंदोलन अब सियासी रंग ले चुका है। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुए प्रदर्शन और उसके बाद विपक्ष के विरोध के बीच कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है। पार्टी आज देशभर में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेगी। इसके साथ ही संसद के मानसून सत्र में भी सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई है।
आज सुबह 10 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर इंडिया ब्लॉक की बैठक होगी, जिसमें संसद के भीतर और बाहर विपक्ष की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग कर रही है। पार्टी का आरोप है कि नीट पेपर लीक मामले में सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और जिम्मेदारी तय करने से बच रही है।मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कई अन्य सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने सभी नेताओं को हिरासत में लिया, हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। कांग्रेस ने इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश बताया।
कांग्रेस ने अपनी सभी प्रदेश इकाइयों को विरोध प्रदर्शन करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी कार्यकर्ता और नेता काली पट्टी या काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा कई जगहों पर मार्च, गांधी प्रतिमा के सामने धरना, पोस्टर प्रदर्शन और अन्य प्रतीकात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का कहना है कि जब तक इस मामले में जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक उसका आंदोलन जारी रहेगा।उधर, जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) के बैनर तले छात्रों का धरना लगातार जारी है। हजारों छात्र परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस मुद्दे पर पिछले 25 दिनों से अनशन पर हैं। हाल ही में उन्हें अदालत के निर्देश के बाद सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने उनसे मुलाकात की। माना जा रहा है कि नीट पेपर लीक और छात्रों का आंदोलन मानसून सत्र के आगामी दिनों में भी संसद की कार्यवाही पर असर डाल सकता है।