KNEWS DESK – उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रदेश संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी ने नई प्रदेश टीम का ऐलान करते हुए 46 पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं। नई टीम में जहां कई नए चेहरों को मौका दिया गया है, वहीं कुछ पुराने और अनुभवी नेताओं पर भी भरोसा कायम रखा गया है।
राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह बने प्रदेश उपाध्यक्ष
बीजेपी की नई सूची में सबसे ज्यादा चर्चा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह की नियुक्ति को लेकर हो रही है। उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले यह पद उनके बड़े भाई और नोएडा विधायक पंकज सिंह संभाल रहे थे।
राजनीतिक जानकार इसे पार्टी की भविष्य की रणनीति और संगठन को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम मान रहे हैं।
पूजा पाल और प्रियंका रावत को भी मिली जगह
बीजेपी ने नई टीम में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों का खास ध्यान रखा है। पूर्व में समाजवादी पार्टी से जुड़ी रहीं पूजा पाल को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं बाराबंकी की नेता प्रियंका रावत को भी प्रमोशन देते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने महिला नेतृत्व और अलग-अलग सामाजिक वर्गों को संगठन में प्रतिनिधित्व देने का संदेश दिया है।
संजय राय पर फिर जताया भरोसा
प्रदेश संगठन में महामंत्री पद पर संजय राय को दोबारा जिम्मेदारी दी गई है। वहीं विधायक राजेश चौधरी को भी प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। पार्टी का उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों को और मजबूत करना है।

बीजेपी ने युवाओं को साधने के लिए भारतीय जनता युवा मोर्चा में भी बदलाव किया है। रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि पार्टी आगामी चुनावों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है।

चुनावी तैयारी को धार देने की कोशिश
बीजेपी की नई प्रदेश टीम में जातीय, क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का ध्यान रखा गया है। पार्टी ने अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रों के नेताओं को जिम्मेदारी देकर संगठन को चुनावी मोड में लाने की कोशिश की है।

राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बदलाव साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। नई टीम के सामने संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ बढ़ाने की बड़ी चुनौती होगी।