आजम खान को बड़ा झटका, दो पैन कार्ड मामले में सेशन कोर्ट ने खारिज की अपील, सजा रखी बरकरार

डिजिटल डेस्क- समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अबदुल्ला आजम खान को एक बार फिर कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दो पैन कार्ड मामले में सेशन कोर्ट ने दोनों की अपील खारिज कर दी है, जिससे निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा बरकरार रहेगी। इस फैसले के बाद फिलहाल दोनों को किसी तरह की राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। दरअसल, इस मामले में निचली अदालत ने पहले ही आजम खान और अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराते हुए 7-7 साल की सजा सुनाई थी। साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी, जिसे अब 20 अप्रैल 2026 को खारिज कर दिया गया।

2019 में भाजपा नेता की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा

यह पूरा मामला साल 2019 का है, जिसे भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पैन कार्ड बनवाए थे, जो नियमों का उल्लंघन है। जांच के दौरान इस मामले में आजम खान की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद उन्हें भी आरोपी बनाया गया। इस केस में MP-MLA Court ने 17 नवंबर 2025 को अपना फैसला सुनाया था, जिसमें दोनों को दोषी करार देते हुए सजा दी गई थी। फैसले के बाद 25 नवंबर 2025 को दोनों की ओर से सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की गई, लेकिन अब वह भी खारिज हो चुकी है।

सितंबर को हुए थे रिहा, 55 दिन बाद फिर भेजे गए थे जेल

गौरतलब है कि रामपुर की जिला जेल में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला नवंबर 2025 से बंद हैं। इससे पहले आजम खान सितंबर 2025 में जेल से रिहा हुए थे, लेकिन करीब 55 दिन बाद ही उन्हें फिर से अदालत के आदेश पर जेल जाना पड़ा था। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, अब आजम खान और उनके बेटे के पास उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का विकल्प बचा है। सूत्रों की मानें तो उनके वकील इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं और जल्द ही अपील दाखिल की जा सकती है। इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के समर्थकों में निराशा देखी जा रही है, जबकि विपक्षी दल इसे कानून की जीत बता रहे हैं। फिलहाल सबकी नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या उच्च न्यायालय से आजम खान और उनके बेटे को कोई राहत मिल पाती है या नहीं

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