मायावती से आकाश आनंद ने मांगी माफी, बोले- ‘बुआ मां, BSP मेरा परिवार, इसे छोड़कर कहीं नहीं जा सकता’

बीएसपी से पूरी तरह मुक्त किए जाने के 22 दिन बाद आकाश आनंद ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने मायावती से माफी मांगते हुए कहा कि वह पार्टी छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं और दोबारा उनके विश्वास को जीतने के लिए मेहनत करेंगे।

Knews Desk – बहुजन समाज पार्टी से निकाले जाने के 22 दिन बाद आकाश आनंद की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। आकाश आनंद ने पूरे विवाद को लेकर मायावती से माफी मांगी है। उन्होंने मायावती को संबोधित करते हुए लिखा कि आप मेरी बुआ मां हैं और बीएसपी मेरा परिवार है। मैं इसे छोड़कर कहीं नहीं जा सकता।

10 सितंबर 2026 को मायावती ने आकाश आनंद को बीएसपी से पूरी तरह मुक्त करने का ऐलान किया था। इससे पहले 3 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से भी मुक्त किया गया था। मायावती ने आरोप लगाया था कि आकाश आनंद पार्टी और बहुजन आंदोलन के हितों की बजाय पारिवारिक रिश्तों को ज्यादा महत्व दे रहे थे।

‘मैं आपका विश्वास जीतूंगा, पार्टी मेरा परिवार’

आकाश आनंद ने कहा कि पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया और मेनस्ट्रीम मीडिया में यह चर्चा चल रही है कि वह पार्टी छोड़ सकते हैं। उन्होंने साफ किया कि वह किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहे हैं। उन्होंने बीएसपी को अपना परिवार बताते हुए कहा कि वह अपनी मेहनत के दम पर मायावती का विश्वास जीतेंगे और मिशन के काम में फिर से लगेंगे।

उन्होंने कहा कि वह सिर्फ मायावती के नेतृत्व में दोबारा पार्टी और मिशन की सेवा करने का अवसर चाहते हैं। आकाश के मुताबिक, विश्वास शब्दों से नहीं बल्कि काम से बनता है और वह इसे अपने आचरण और मेहनत से साबित करेंगे।

अशोक सिद्धार्थ को हटाने के फैसले का समर्थन

आकाश आनंद ने अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर किए जाने के मायावती के फैसले का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला सही है और वह इसके समर्थन में हैं।

आकाश ने यह भी बताया कि वह उस समय मायावती की पोस्ट को रीपोस्ट नहीं कर पाए थे, क्योंकि वह सोशल मीडिया नहीं चला रहे थे। उनका कहना है कि उनकी इस चुप्पी को गलत समझा गया और इससे अफवाहों को जगह मिली।

आकाश ने कहा कि अगर उनकी इस चुप्पी से मायावती को ठेस पहुंची है, तो वह इसके लिए उनसे क्षमा चाहते हैं।

फिलहाल आकाश आनंद की इस प्रतिक्रिया के बाद बीएसपी में उनकी आगे की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। मायावती ने 10 सितंबर को उन्हें पार्टी से पूरी तरह मुक्त करने की घोषणा की थी।