अरविंद केजरीवाल के आवास पर PAC की बैठक में उम्मीदवारों के नाम और चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी 40 से 45 मौजूदा विधायकों के टिकट काटने पर भी विचार कर रही है।
Knews Desk – पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। नई दिल्ली में शुक्रवार को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसमें आगामी चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम और चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में अरविंद केजरीवाल के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, राज्य के चुनाव प्रभारी मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और जैस्मीन शाह मौजूद रहे।
वहीं, पंजाब में पार्टी की जमीनी स्थिति और फीडबैक साझा करने के लिए पंजाब AAP अध्यक्ष अमन अरोड़ा और राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए। बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि 31 अक्टूबर, शनिवार को PAC की एक और बैठक होगी। इसके तुरंत बाद पार्टी उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करेगी।
AAP समय से पहले उम्मीदवारों की घोषणा करने की तैयारी में है, ताकि प्रत्याशियों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार करने और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। पार्टी की कोशिश है कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा और आचार संहिता लागू होने से पहले ही उम्मीदवारों को मैदान में उतार दिया जाए।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी सत्ता विरोधी माहौल यानी एंटी-इनकंबेंसी को कम करने के लिए मौजूदा विधायकों के टिकटों में बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। इसके तहत 40 से 45 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जाने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी नए और बेदाग चेहरों को मौका देने की रणनीति पर काम कर रही है। टिकट का फैसला विधायकों की क्षेत्र में सक्रियता, जनता के बीच लोकप्रियता और पार्टी के आंतरिक सर्वे के आधार पर किए जाने की बात कही जा रही है।
वहीं, विपक्ष की ओर से पंजाब में AAP की सत्ता में वापसी की संभावनाओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में पार्टी अपने मजबूत और लगातार चुनाव जीतने वाले नेताओं पर भी भरोसा बनाए रखना चाहती है। रिपोर्ट के मुताबिक, पहली सूची में पार्टी के कुछ बड़े और अनुभवी चेहरों को दोबारा टिकट देकर यह संदेश देने की रणनीति हो सकती है कि AAP आगामी चुनाव में पूरी मजबूती के साथ उतरने की तैयारी कर रही है।
अब सभी की नजरें 31 अक्टूबर को होने वाली PAC बैठक और उम्मीदवारों की पहली सूची पर टिकी हैं। इससे यह साफ होगा कि पार्टी किन नेताओं पर दोबारा भरोसा जताती है और किन सीटों पर नए चेहरों को मौका देती है।