शिव शंकर सविता- कानपुर के किदवईनगर स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट से सामने आई यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि इंसानियत और रिश्तों पर गहरा सवाल खड़ा करने वाली त्रासदी है। जहां एक पिता अपनी बेटियों की सुरक्षा का सबसे बड़ा सहारा होता है, वहीं उसी पिता ने अपनी 11 साल की मासूम जुड़वां बेटियों रिद्धि और सिद्धि को ऐसी मौत दी, जिसने पूरे शहर को सन्न कर दिया। शनिवार देर रात हुई इस खौफनाक वारदात में आरोपी पिता शशिरंजन मिश्रा ने पहले अपनी ही बेटियों को नशीली दवा खिलाई, ताकि वे प्रतिरोध न कर सकें। इसके बाद उसने एक-एक कर दोनों का गला दबाकर हत्या कर दी। हैरानी की बात यह है कि उसने यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी बच न सके, गले पर चापड़ रखकर हथौड़े से वार भी किए। यह क्रूरता सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि एक ऐसी हैवानियत है जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है।
पुलिस को खुद फोन कर दी जानकारी, कबूला जुर्म
घटना के लगभग डेढ़ घंटे बाद, तड़के करीब 4:32 बजे, आरोपी ने खुद ही पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर अपने जुर्म की जानकारी दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो जो दृश्य सामने था, उसने हर किसी को अंदर तक हिला दिया। कमरे की फर्श पर खून से लथपथ दोनों बच्चियों के शव पड़े थे और पास ही आरोपी पिता बैठा था मानो किसी डरावने सन्नाटे में डूबा हुआ। इस दर्दनाक घटना से पूरी तरह अनजान मां रेशमा दूसरे कमरे में अपने छह साल के बेटे रुद्रव के साथ सो रही थीं। पुलिस ने जब उन्हें जगाकर इस हत्याकांड की जानकारी दी, तो वह बदहवास हो गईं। एक मां के लिए इससे बड़ा दुःख क्या हो सकता है कि उसकी ही आंखों के सामने, उसी घर में उसकी बेटियों की हत्या कर दी जाए और उसे इसकी भनक तक न लगे।
हत्या की वजह नहीं बताई
पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया, लेकिन अब तक उसने इस जघन्य अपराध के पीछे की वजह नहीं बताई है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ने पांच दिन पहले ही हत्या में इस्तेमाल किया गया चापड़ खरीदा था, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि यह वारदात अचानक गुस्से में नहीं, बल्कि पहले से सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। जांच में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। पुलिस के अनुसार, फ्लैट के अंदर चार कैमरे लगे थे, जिनमें से बेडरूम और किचन में हुई हर गतिविधि रिकॉर्ड हुई है। फुटेज के मुताबिक, रात 11 बजे परिवार ने साथ में खाना खाया और टीवी देखा। इसके बाद एक मामूली बात पर विवाद हुआ और गुस्से में आरोपी ने धमकी दी। कुछ देर बाद बेटियां उसके कमरे में सोने चली गईं शायद इस बात से अनजान कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी रात होगी।
रात के अंधेरे में दिया घटना को अंजाम
रात करीब 1:50 बजे से 3:35 बजे के बीच आरोपी ने दोनों बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी। पहले सिद्धि और फिर रिद्धि को मौत के घाट उतारा गया। यह सब कुछ इतनी निर्दयता से हुआ कि देखने वालों की रूह कांप जाए। यह घटना सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक कड़वी चेतावनी भी है। जहां रिश्ते भरोसे, प्यार और सुरक्षा की नींव पर टिके होते हैं, वहां इस तरह का विश्वासघात हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देता है। आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक पिता अपनी ही बेटियों का कातिल बन गया?