₹500 करोड़ जमीन विवाद: कांग्रेस नेता जीतू पटवारी को ₹5 करोड़ का मानहानि नोटिस

KNEWS DESK – उज्जैन में करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की कथित सरकारी जमीन आवंटन विवाद को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष Jitu Patwari द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद अब कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है।

5 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस जारी

मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार और वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश मेहता ने जीतू पटवारी को 5 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है।

भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिवक्ता हरीश मेहता ने कहा कि पटवारी द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत, भ्रामक और तथ्यों से परे हैं।

‘वीर भारत न्यास सरकारी संस्था’

अधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि वीर भारत न्यास कोई निजी ट्रस्ट नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक वैधानिक संस्था है। इसे निजी संस्था बताकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है।

प्रतिष्ठा को नुकसान का दावा

श्रीराम तिवारी पक्ष की ओर से कहा गया है कि बिना किसी ठोस सबूत के लगाए गए आरोपों से उनकी व्यक्तिगत और सार्वजनिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते मानहानि का नोटिस भेजा गया है।

माफी नहीं तो कानूनी कार्रवाई

अधिवक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, लेकिन बिना तथ्य के किसी की छवि खराब करना कानूनन गलत है। यदि माफी नहीं मांगी गई तो आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस का आरोप

इससे पहले जीतू पटवारी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि उज्जैन में लगभग 500 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को न्यास से जुड़े एक ट्रस्ट को बेहद कम कीमत पर दिया गया है।

हालांकि वीर भारत न्यास की ओर से इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे निराधार बताया गया है। अब यह मामला राजनीतिक के साथ-साथ कानूनी मोड़ भी ले चुका है।