पुणे में जहरीली शराब से 15 मौतें, मेथनॉल मिलाने के आरोप में सप्लायर गिरफ्तार

KNEWS DESK- महाराष्ट्र के पुणे में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। बीते 48 घंटों में 15 लोगों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें से 11 मौतें कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से हुई हैं। इस घटना के बाद हडपसर और फुगेवाड़ी इलाकों में दहशत और गुस्से का माहौल है।

पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी द्वारा सप्लाई की गई देशी शराब में मेथनॉल मिलाया गया था, जिसके कारण लोगों की तबीयत बिगड़ गई और कई लोगों की जान चली गई।

पुलिस के अनुसार योगेश वानखेड़े लंबे समय से अवैध रूप से देशी शराब की बिक्री और सप्लाई का काम कर रहा था। वह गांव-गांव जाकर शराब बेचता था। घटना के दौरान जब पुलिस ने उसकी गाड़ी रोकी, तो शराब में केमिकल मिलावट का खुलासा हुआ।

इस मामले में अब तक पुलिस और राज्य उत्पाद शुल्क विभाग ने कई जगहों पर छापेमारी की है। जांच के दौरान कर्नल सिंह विरखा और उसके बेटे समेत कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि कर्नल सिंह विरखा अवैध शराब की दुकान चलाता था और इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।

हडपसर इलाके में मरने वालों में राहुल शरद क्षीरसागर, विजय भूकुरलाल शर्मा, अरुण डाडर और अशोक रमेश चव्हाण जैसे नाम शामिल हैं। वहीं फुगेवाड़ी क्षेत्र में विजय प्रकाश राठौड़, राजेंद्र प्रकाश राठौड़, राजू राजपूत, अकबर पठान, बाबा शेख, आनंद देसाई और आनंद निकलजे समेत कई लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।

कुछ अन्य लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कई मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है।

राज्य उत्पाद शुल्क विभाग के एसपी अतुल कनाडे ने कहा है कि मामले की गहन जांच जारी है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए पुणे और पिंपरी चिंचवड़ पुलिस कमिश्नर को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच की विशेष टीम को सौंप दी गई है।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी योगेश वानखेड़े पर पहले भी देशी शराब की अवैध बिक्री के तीन मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह जहरीली शराब का नेटवर्क कितना बड़ा और संगठित है।

हालांकि प्रशासन का कहना है कि सभी 15 मौतें सीधे तौर पर शराब पीने से नहीं हुई हैं, और कुछ मामलों में हार्ट अटैक जैसी वजहें भी सामने आई हैं। दूसरी ओर मृतकों के परिजन दावा कर रहे हैं कि सभी ने शराब पीने के बाद ही तबीयत बिगड़ने की शिकायत की थी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की असल सच्चाई सामने आ पाएगी।

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