Knews Desk- अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA अब सिर्फ चांद पर इंसानों को भेजने की नहीं, बल्कि वहां स्थायी ठिकाना बनाने की तैयारी में जुट गई है। एजेंसी ने 2030 तक इंसानों की लगातार मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए बड़ा रोडमैप तैयार किया है। यह पूरा मिशन Artemis Program के तहत चलाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर बेस तैयार करना है।
NASA ने अपने Moon Base प्रोजेक्ट को तीन हिस्सों में बांटा है। पहले चरण में 2026 से 2028 तक रोबोटिक मिशन, तकनीकी परीक्षण और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। दूसरे चरण में 2029 से 2032 के बीच चांद पर रहने योग्य मॉड्यूल, ऊर्जा सिस्टम और संचार नेटवर्क स्थापित किए जाएंगे। तीसरे चरण में 2032 के बाद इंसानों की लगातार मौजूदगी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
Artemis मिशन से शुरू होगी नई दौड़
NASA का Artemis-II मिशन 2026 में चार अंतरिक्ष यात्रियों को चांद की कक्षा तक ले जाएगा। इसके बाद Artemis-IV और Artemis-V मिशनों के जरिए 2028 में इंसानों की दोबारा चंद्रमा पर लैंडिंग कराई जाएगी। NASA की योजना है कि इसके बाद हर साल नियमित मिशन भेजे जाएं।
चांद पर बनेंगे घर, रोवर और पावर सिस्टम
NASA सिर्फ लैंडिंग तक सीमित नहीं रहना चाहता। एजेंसी चांद पर रहने के लिए विशेष Habitat Modules, Pressurized Rovers, Solar Power Grids और Nuclear Reactor तक लगाने की तैयारी कर रही है। वैज्ञानिकों का मानना है कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पानी की बर्फ मौजूद है, जिससे भविष्य में ऑक्सीजन और ईंधन तैयार किया जा सकेगा।
Blue Origin और निजी कंपनियों की बड़ी भूमिका
NASA ने इस मिशन में कई निजी कंपनियों को भी शामिल किया है। Jeff Bezos की कंपनी Blue Origin को चंद्रमा तक उपकरण और रोवर पहुंचाने का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। इसके अलावा Astrolab, Lunar Outpost और Firefly Aerospace जैसी कंपनियां भी मिशन का हिस्सा हैं।
क्यों खास है Moon Base मिशन?
NASA का मानना है कि चांद पर स्थायी बेस बनाना भविष्य में मंगल ग्रह तक इंसानों को पहुंचाने की सबसे बड़ी तैयारी साबित होगा। अमेरिका इसे चीन के बढ़ते स्पेस मिशनों के जवाब के तौर पर भी देख रहा है। अगर यह योजना सफल होती है तो आने वाले दशक में इंसान पहली बार पृथ्वी के बाहर स्थायी रूप से रहने की दिशा में कदम बढ़ा देगा।