Knews Desk– देश की सीमा सुरक्षा में तैनात सीमा सुरक्षा बल यानी BSF की महिला जवानों ने एक नया इतिहास रच दिया है। BSF की पूरी तरह महिला पर्वतारोहण टीम ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह कर देश का गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि के साथ इन बहादुर महिलाओं ने एवरेस्ट की चोटी पर “वंदे मातरम्” गाकर देशभक्ति का संदेश भी दिया।
सुबह 8 बजे की टीम की सफलता
BSF के अनुसार, भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह 8 बजे टीम ने सफलतापूर्वक 8,848.86 मीटर ऊंची माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचकर अभियान पूरा किया। इस टीम में पश्चिम बंगाल की कांस्टेबल मुनमुन घोष, लद्दाख की कांस्टेबल कौसर फातिमा, उत्तराखंड की कांस्टेबल रबेका सिंह और कारगिल की कांस्टेबल सेरिंग चोरोल शामिल थीं। इन चारों महिला जवानों ने कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
अमित शाह ने दी बधाई
महिला टीम की इस सफलता पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी खुशी जाहिर की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि नारी शक्ति ने BSF की अजेय ताकत को एक बार फिर साबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि महिला पर्वतारोहियों ने माउंट एवरेस्ट पर चढ़कर सुनहरा इतिहास रचा है और दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर “वंदे मातरम्” गाकर साहस, देशभक्ति और समर्पण की मिसाल पेश की है।
‘वंदे मातरम्’ की विरासत को श्रद्धांजलि

BSF ने अपने बयान में कहा कि यह अभियान केवल पर्वतारोहण तक सीमित नहीं था, बल्कि “वंदे मातरम्” की अमर विरासत को श्रद्धांजलि देने का भी प्रयास था। यह गीत वर्षों से देश सेवा के लिए भारतीयों को प्रेरित करता रहा है। महिला टीम को उनके पहले एवरेस्ट अभियान के लिए 6 अप्रैल को दिल्ली से रवाना किया गया था।
BSF की हीरक जयंती से जुड़ा अभियान
इस विशेष अभियान की योजना BSF की हीरक जयंती और वर्ष 2026 में “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ को ध्यान में रखकर बनाई गई थी। BSF महानिदेशक प्रवीण कुमार ने रेडियो लिंक के माध्यम से महिला जवानों से बातचीत कर उन्हें बधाई दी।
करीब 2.7 लाख कर्मियों वाले BSF का गठन 1965 में किया गया था। यह बल भारत की पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ देश की आंतरिक सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।