KNEWS DESK – आम आदमी पार्टी में इन दिनों अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर अपने ही दल आम आदमी पार्टी पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया और पलटवार करते हुए इसे “स्क्रिप्टेड कैंपेन” बताया।
राघव चड्ढा ने कहा कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें एक जैसी भाषा और आरोपों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने पार्टी द्वारा लगाए गए तीन प्रमुख आरोपों पर विस्तार से जवाब दिया।
वॉकआउट वाले आरोप पर जवाब
पहले आरोप को लेकर उन्होंने कहा कि यह दावा पूरी तरह झूठा है कि उन्होंने विपक्ष के वॉकआउट में साथ नहीं दिया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि संसद में लगे सीसीटीवी फुटेज चेक कर लिया जाए, अगर एक भी ऐसा उदाहरण मिल जाए, तो वह जवाब देने को तैयार हैं।
दूसरे आरोप पर चड्ढा ने कहा कि उनसे कभी भी औपचारिक या अनौपचारिक तौर पर किसी प्रस्ताव पर साइन करने को नहीं कहा गया। उन्होंने यह भी बताया कि राज्यसभा में इस तरह के प्रस्ताव के लिए 50 हस्ताक्षर पर्याप्त होते हैं, जबकि विपक्ष के पास 100 से ज्यादा सांसद हैं—ऐसे में यह आरोप निराधार है।
“डर गए” वाले आरोप पर प्रतिक्रिया
तीसरे आरोप का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उनका मकसद संसद में शोर मचाना नहीं, बल्कि जनता के मुद्दे उठाना है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने जीएसटी, इनकम टैक्स, बेरोजगारी, महंगाई, पंजाब के पानी और दिल्ली के प्रदूषण जैसे कई अहम मुद्दों को संसद में उठाया है।
राघव चड्ढा ने साफ कहा, “मैं संसद में इंपैक्ट क्रिएट करने गया हूं, रकस (शोरगुल) नहीं।”
संगठन में बड़ा बदलाव
इसी बीच पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया है। उनकी जगह अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र भी भेजा गया है।
साथ ही, पार्टी की ओर से यह भी कहा गया कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने का समय न दिया जाए, जिससे इस विवाद ने और तूल पकड़ लिया है।
लगातार दूसरे दिन वीडियो जारी करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि उन्हें “खामोश करने की कोशिश जरूर हुई है, लेकिन वे हारे नहीं हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ झूठ फैलाया जा रहा है और वह हर आरोप का जवाब देंगे।