KNEWS DESK – लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कई अहम स्पष्टिकरण दिए। उन्होंने कहा कि 2029 तक होने वाले सभी चुनाव मौजूदा यानी पुरानी व्यवस्था के तहत ही होंगे, इसलिए किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।
“2029 तक पुरानी व्यवस्था ही लागू”
अमित शाह ने साफ किया कि परिसीमन आयोग की सिफारिशें तुरंत लागू नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि जब तक संसद इसे मंजूरी नहीं देती और राष्ट्रपति की स्वीकृति नहीं मिलती, तब तक कोई बदलाव लागू नहीं होगा। उन्होंने कहा “2029 तक जो भी चुनाव होंगे, वे सभी पुराने सीटों और मौजूदा व्यवस्था के तहत ही होंगे”।
विपक्ष पर तंज
शाह ने विपक्ष, खासकर Akhilesh Yadav पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है, हालांकि जीतेंगे या नहीं, यह अलग बात है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं कि सरकार सत्ता में बने रहने के लिए यह बिल ला रही है, लेकिन ऐसा कहने वाले शायद सरकार की ताकत को ज्यादा समझते हैं।
जाति जनगणना पर स्थिति स्पष्ट
गृह मंत्री ने जाति जनगणना को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में कैबिनेट ने जाति जनगणना कराने का फैसला कर लिया है और अगली जनगणना में इसे शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में होती है, पहले मकानों की गिनती और फिर उनमें रहने वाले लोगों की जानकारी, जिसमें जाति से जुड़े आंकड़े भी शामिल किए जाएंगे।
परिसीमन आयोग पर सफाई
अमित शाह ने कहा कि सरकार ने परिसीमन आयोग के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया है। उन्होंने Priyanka Gandhi Vadra के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वही कानून लागू किया जा रहा है जो पहले से मौजूद है और उसमें कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
राज्यों को नहीं होगा नुकसान
गृह मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि महिला आरक्षण और परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु जैसे राज्यों में सीटों की संख्या घटेगी नहीं, बल्कि बढ़ेगी।
अंत में अमित शाह ने कहा कि इस पूरे मुद्दे पर विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है।