KNEWS DESK: उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता और झीलों के लिए मशहूर है, खासकर नैनीताल, जिसे “झीलों का शहर” कहा जाता है। यहां की वादियां और झीलें हर साल हजारों पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। लेकिन इसी खूबसूरती के बीच एक ऐसी जगह भी है, जो अपने डरावने रहस्य के कारण दुनियाभर में चर्चा में रहती है। यह जगह है रूपकुंड झील, जिसे “कंकालों की झील” के नाम से जाना जाता है।

हिमालय की ऊंचाइयों में करीब 16,500 फीट पर स्थित यह झील सालभर बर्फ से ढकी रहती है। जैसे ही गर्मियों में बर्फ पिघलती है, झील के अंदर और आसपास सैकड़ों इंसानी कंकाल दिखाई देने लगते हैं। यह नजारा इतना चौंकाने वाला होता है कि पहली बार देखने वाला हैरान रह जाता है। यही वजह है कि यह झील रहस्य और रोमांच का केंद्र बन चुकी है।

अब तक इस झील से 700 से ज्यादा मानव कंकाल मिलने की बात सामने आ चुकी है। इनमें सिर्फ हड्डियां ही नहीं, बल्कि कई बार शरीर के कुछ हिस्से भी सुरक्षित अवस्था में पाए गए हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये अवशेष सैकड़ों साल पुराने हैं और इन्हें बर्फीले पानी ने लंबे समय तक संरक्षित रखा है।

शुरुआत में यह माना गया कि ये कंकाल किसी युद्ध में मारे गए सैनिकों के हो सकते हैं, लेकिन बाद की जांचों ने इस धारणा को खारिज कर दिया। रिसर्च में यह भी सामने आया कि इनमें अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के अवशेष शामिल हैं, जिनमें कुछ विदेशी भी हो सकते हैं। इससे यह रहस्य और गहरा हो जाता है कि आखिर इतने लोग यहां एक साथ कैसे मारे गए।

इस झील से जुड़ी कई लोककथाएं भी प्रचलित हैं। माना जाता है कि नंदा देवी के प्रकोप के कारण यहां आए लोगों की अचानक मौत हो गई थी। वहीं कुछ लोग इसे बर्फीले तूफान या किसी महामारी का परिणाम मानते हैं। हालांकि, सच्चाई क्या है, यह आज भी पूरी तरह सामने नहीं आ पाई है।

रहस्य, डर और रोमांच से भरी यह झील आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। हालांकि यहां पहुंचना आसान नहीं है, क्योंकि यह एक कठिन ट्रेकिंग रूट पर स्थित है। इसके बावजूद एडवेंचर पसंद लोग इस अनोखी जगह को देखने के लिए यहां तक पहुंचते हैं और इसके रहस्यों को करीब से जानने की कोशिश करते हैं।