Knews Desk- अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों का राजनीतिक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में भारतीय मूल के अमेरिकी नेता रंजीव पुरी ने मिशिगन की राजनीति में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता रंजीव पुरी को मिशिगन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का स्पीकर चुना गया है। इसके साथ ही वह इस पद पर पहुंचने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी नेता बन गए हैं।42 वर्षीय रंजीव पुरी को गुरुवार को मिशिगन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का स्पीकर चुना गया। अपनी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने अपने सहयोगियों की ओर से मिले भरोसे और समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह मिशिगन के लोगों से किए गए वादों को पूरा करने के लिए राज्य के नए नेतृत्व के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने सीनेट के नए मेजॉरिटी लीडर डैरिन कैमिलेरी और नवनिर्वाचित गवर्नर जोसलिन बेन्सन के साथ काम करने की भी बात कही।
रंजीव पुरी का परिवार पंजाब से अमेरिका जाकर बसा था। उनके माता-पिता बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका आए थे। रंजीव ने अपनी इस उपलब्धि पर कहा कि जब उनके माता-पिता अमेरिका आए थे, तब उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि उनका बेटा एक दिन मिशिगन हाउस का नेतृत्व करेगा। उनकी यह सफलता भारतीय समुदाय के साथ-साथ अमेरिका में रह रहे दक्षिण एशियाई लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।रंजीव पुरी ने इससे पहले भी मिशिगन की राजनीति में इतिहास बनाया था। साल 2020 में उन्होंने मिशिगन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का चुनाव जीतकर रिकॉर्ड कायम किया था। वह इस सदन के लिए चुने जाने वाले पहले सिख-अमेरिकी बने थे। इसके बाद साल 2025 में उन्हें सदन में डेमोक्रेटिक पार्टी का नेता नियुक्त किया गया था। अब स्पीकर का पद हासिल कर उन्होंने अपने राजनीतिक सफर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।
रंजीव पुरी का राजनीतिक सफर चुनाव अभियानों से शुरू हुआ था। उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के 2008 और 2012 के चुनाव अभियानों में काम किया था। इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह मिशिगन लौटे और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में काम किया। इसके बाद धीरे-धीरे उन्होंने राज्य की राजनीति में अपनी पहचान बनाई।फिलहाल रंजीव पुरी मिशिगन हाउस में अपने तीसरे कार्यकाल में हैं। उनके स्पीकर बनने को अमेरिका की राजनीति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की बढ़ती भागीदारी और प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है। खास तौर पर पंजाब से जुड़े एक प्रवासी परिवार से आने वाले रंजीव की यह उपलब्धि इस बात को दर्शाती है कि अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के नेता लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हासिल कर रहे हैं।