पूर्व भारतीय क्रिकेटर और धाकड़ कमेंटेटर वीरेंद्र सहवाग की मेजबानी वाले लोकप्रिय रियलिटी शो ‘एमएक्स ओरिजिनल राइज़ एंड फॉल सीजन 2’ को अपना नया ‘अल्टीमेट रूलर’ मिल गया है। हफ्तों तक चले शह-मात के खेल, कूटनीति और टावर के उतार-चढ़ाव के बीच शहजाद पूनावाला ने सीजन 2 का खिताब अपने नाम कर लिया। 15 सेलिब्रिटी कंटेस्टेंट्स को पछाड़ते हुए शहजाद ने ट्रॉफी के साथ 35 लाख रुपये की इनामी राशि भी जीती। वहीं, टीवी एक्ट्रेस प्रियंका चाहर चौधरी फर्स्ट रनर-अप और गौतम गुलाटी सेकंड रनर-अप रहे।
Knews Desk- ग्रैंड फिनाले की शाम स्टार-स्टडेड परफॉर्मेंस और इमोशनल मोमेंट्स से भरपूर रही। शो की शुरुआत टॉप 6 फाइनलिस्ट्स की धमाकेदार स्टेज परफॉर्मेंस और एक्स-कंटेस्टेंट्स के साथ पुराने पलों के री-यूनियन से हुई। मशहूर कॉमेडियन हर्ष गुजराल ने अपने मजाकिया अंदाज से माहौल को खुशनुमा बनाया, जबकि फाइनलिस्ट्स के परिवार वालों की मौजूदगी ने फिनाले को और भावुक बना दिया।
फिनाले में जल्द ही गेम का रुख बदला और ‘फॉर्च्यून फ्लोर पिरामिड’ चैलेंज में पिछड़ने के कारण निहारिका तिवारी एलिमिनेट हो गईं। निहारिका के बाहर होने के बाद शो को अपने टॉप 5 फाइनलिस्ट्स मिल गए।
इसके बाद ट्रॉफी तक पहुंचने की होड़ और तेज हो गई। टावर की लाइट्स लाल रंग में बदल गईं, जो एलिमिनेशन का संकेत थीं। शो में मजबूत मास्टरमाइंड माने जा रहे करन पटेल और अपनी बेबाकी के लिए जानी जाने वाली स्वरा भास्कर ट्रॉफी की रेस से बाहर हो गईं। दोनों के एलिमिनेट होने के बाद ‘राइज़ एंड फॉल 2’ को अपने टॉप 3 फाइनलिस्ट मिले, जिनमें शहजाद पूनावाला, प्रियंका चाहर चौधरी और गौतम गुलाटी शामिल थे।
फिनाले में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया, जब टॉप 3 फाइनलिस्ट्स की किस्मत का फैसला वोटिंग के जरिए होना था, लेकिन मुकाबला डेडलॉक यानी बराबरी पर आकर रुक गया। इसके बाद बाहर हो चुके कंटेस्टेंट्स को अंतिम फैसला सुनाने की जिम्मेदारी दी गई। एक्स-कंटेस्टेंट्स के वोट और फैसले के आधार पर गौतम गुलाटी सेकंड रनर-अप बने।
इसके बाद अंतिम मुकाबला शहजाद पूनावाला और प्रियंका चाहर चौधरी के बीच रहा। प्रियंका को पीछे छोड़ते हुए शहजाद ने ‘अल्टीमेट रूलर’ का ताज अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ उन्हें चमचमाती ट्रॉफी के अलावा 35 लाख रुपये की भारी-भरकम कैश प्राइज भी मिली।
जीत के बाद शहजाद पूनावाला ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ‘राइज़ एंड फॉल सीजन 2’ जीतना उनके लिए ऐसा अहसास है, जिसे वह शब्दों में बयां नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि टावर की ऊंचाइयों से लेकर बेसमेंट की अनिश्चितताओं तक उनका सफर आसान नहीं था और उन्हें हर मोड़ पर खुद को ढालना पड़ा।
शहजाद ने कहा कि भले ही उनके मन में कभी शंकाएं आईं, लेकिन उन्हें हमेशा विश्वास था कि वह यह कर दिखाएंगे। उन्होंने इस मंच के लिए मेकर्स, प्राइम वीडियो और बनिजय एशिया का आभार जताया।