एशियन चैंपियंस ट्रॉफी-2026 के सफल आयोजन के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि राज्य अब वर्ष 2030 में प्रतिष्ठित हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के साथ अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के सफल प्रबंधन पर पंजाब के लोगों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हॉकी के साथ पंजाब का अटूट रिश्ता है और राज्य की समृद्ध खेल विरासत उसे बड़े वैश्विक खेल आयोजनों के लिए स्वाभाविक पसंद बनाती है।
Knews Desk – मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि छह नए हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान पहले ही तैयार किए जा चुके हैं, जबकि दो अन्य का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से खेलों के लिए बजट में 1,744 करोड़ रुपये रखे गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पंजाब की महान खेल विरासत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत ने जापान को 4-1 से हराकर खिताब पर अपना कब्जा बरकरार रखा। खचाखच भरे मोहाली स्टेडियम में इस दौरान शानदार गतका और भांगड़ा प्रस्तुतियों के जरिए पंजाब की सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिली।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “पंजाब वर्ष 2030 में प्रतिष्ठित हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। चल रही एशियन चैंपियंस ट्रॉफी-2026 का सफल प्रबंधन बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने की राज्य की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। पहली बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करना पंजाब की खेल यात्रा में ऐतिहासिक उपलब्धि है और बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की ओर महत्वपूर्ण कदम है।”
उन्होंने कहा कि पंजाब अपने मेहनती लोगों, महान संस्कृति और गर्मजोशी भरी आतिथ्य के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। हर खिलाड़ी और दर्शक पंजाब में अपने ठहराव की अविस्मरणीय यादें लेकर जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने पंजाब की हॉकी विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाबी खिलाड़ियों के योगदान के बिना भारतीय हॉकी के शानदार इतिहास की कल्पना करना असंभव है। उन्होंने महान ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर, ऊधम सिंह, पृथीपाल सिंह, अजीत पाल सिंह और सुरजीत सिंह के साथ वर्तमान समय के सितारों हरमनप्रीत सिंह, मनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह और रुपिंदर पाल सिंह का भी उल्लेख किया।
भगवंत मान ने बताया कि पंजाब ने वर्ष 1928 के एम्स्टर्डम ओलंपिक खेलों से लेकर 2024 के पेरिस ओलंपिक तक 77 हॉकी ओलंपियन दिए हैं, जबकि राज्य के 48 खिलाड़ियों ने ओलंपिक पदक जीते हैं। उन्होंने कहा कि यह अनूठी विरासत पंजाब में हॉकी के प्रति गहरे जज्बे को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम पंजाब की शानदार खेल विरासत का प्रतीक है। यह स्टेडियम पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स सेंटर और खेलो इंडिया सेंटर के माध्यम से भविष्य के चैंपियन तैयार कर रहा है, जहां क्रमशः 102 और 33 हॉकी खिलाड़ी विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2023 में नई खेल नीति लागू की और पहली बार खेलों के लिए विशेष रूप से 1,744 करोड़ रुपये का बजट रखा। उन्होंने कहा कि यह युवा खेल प्रतिभा को बेहतर अवसर और सुविधाएं प्रदान करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भारत ने मोहाली के बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में जापान को 4-1 से हराकर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा बरकरार रखा। इससे पहले मलेशिया ने दक्षिण कोरिया को हराकर टूर्नामेंट में तीसरा स्थान हासिल किया।
इस अवसर पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी हार्दिक सिंह को विशेष जर्सी भेंट की। इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारतीय और जापानी खिलाड़ियों से मुलाकात की, उनका हौसला बढ़ाया और विजेता भारतीय टीम को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया।
समापन समारोह के दौरान शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम ने दर्शकों का मन मोह लिया, जिसमें भांगड़े की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ ने टूर्नामेंट की सफलता के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब सरकार की सराहना की। इस अवसर पर प्रमुख सचिव खेल वरुण रूजम, हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ, हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली और अन्य गणमान्य व्यक्ति विशेष रूप से उपस्थित थे।