चुनाव आयोग ने छह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट के स्पेशल समरी रिविजन यानी SSR का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इसके तहत 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि मानते हुए मतदाता सूची को अपडेट किया जाएगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड नहीं दिखाने की वजह से किसी वोटर का नाम मतदाता सूची से नहीं काटा जाएगा।
Knews Desk – चुनाव आयोग की ओर से 4 नवंबर को जारी निर्देश के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम के अलावा चंडीगढ़ तथा दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव में वोटर लिस्ट का स्पेशल समरी रिविजन किया जाएगा। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य पात्र मतदाताओं, खासकर युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल करना है।
इसके साथ ही अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर 2027 की अर्हता तिथियों के लिए एडवांस में आवेदन भी लिए जाएंगे। यानी जो लोग आने वाले समय में वोट देने की पात्रता हासिल करेंगे, उनके आवेदन पहले से लिए जा सकेंगे।
चुनाव आयोग ने पोलिंग सेंटर को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। किसी भी पोलिंग सेंटर पर सामान्यतः 1,200 से अधिक वोटर्स नहीं होने चाहिए। पोलिंग सेंटर्स की भौतिक जांच की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वोटर्स को मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े।
नए वोटर्स का नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, विदेश में रहने वाले भारतीय वोटर्स के लिए फॉर्म-6A, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और पते में बदलाव या अन्य संशोधनों के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जाएगा।
आयोग ने साफ किया है कि आधार नंबर देना स्वैच्छिक होगा। अगर कोई वोटर आधार उपलब्ध नहीं कराता है तो सिर्फ इस वजह से उसका नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने से इनकार नहीं किया जा सकेगा और न ही उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकेगा।
गलत तरीके से नाम हटाए जाने से बचाने के लिए भी चुनाव आयोग ने विशेष सुरक्षा उपाय तय किए हैं। किसी पोलिंग सेंटर की वोटर लिस्ट में 2 प्रतिशत से अधिक नाम हटाने के मामले सामने आने या एक ही व्यक्ति की ओर से पांच से अधिक मामलों में आपत्ति दर्ज कराने पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी यानी ERO व्यक्तिगत रूप से सत्यापन करेंगे।
आयोग ने अधिकारियों को महिलाओं, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों, अनुसूचित जनजातियों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और अन्य वंचित वर्गों के नामांकन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विशेष शिविर और सहायता केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
वोटर्स अपना आवेदन चुनाव आयोग के वोटर सर्विस पोर्टल या ECINET ऐप के माध्यम से ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR जारी है या हाल ही में पूरा हुआ है, वहां SSR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। इनमें दिल्ली भी शामिल है।
चुनाव आयोग के तय कार्यक्रम के मुताबिक, पोलिंग सेंटर्स का रैसेलाइजेशन या रिअरैंजमेंट 20 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद 30 नवंबर 2026 को वोटर लिस्ट के एकीकृत प्रारूप का प्रकाशन होगा।
30 नवंबर से 30 दिसंबर 2026 तक मतदाता दावे और आपत्तियां दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 16 जनवरी 2027 तक दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 21 जनवरी 2027 को प्रकाशित की जाएगी।
इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना, पात्र लोगों को मतदान का अधिकार सुनिश्चित करना और गलत तरीके से नाम हटाए जाने की संभावनाओं को कम करना है।