आयरलैंड में गूंजा दिवाली का जश्न, भारतीय संस्कृति और परंपराओं से सजा डबलिन का खास आयोजन

Knews Desk- डबलिन में आयोजित दिवाली समारोह में आयरलैंड में भारत के राजदूत मनीष गुप्ता अपनी पत्नी निमिषा गुप्ता के साथ पहुंचे। कार्यक्रम में आयरलैंड की पहली महिला शतरंज ग्रैंडमास्टर त्रिशा कन्यामराला और डबलिन सिटी काउंसिल की पार्षद व इंडियन लेडीज़ इन आयरलैंड की संस्थापक सुप्रिया सिंह भी शामिल हुईं। डबलिन और आयरलैंड के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे भारतीय परिवारों ने भी समारोह में हिस्सा लिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक भारतीय व्यंजनों ने लोगों को देश में मनाई जाने वाली दिवाली की याद दिला दी।

इस साल का आयोजन इसलिए भी खास रहा क्योंकि वर्ष 2025 में डबलिन सिटी काउंसिल ने दिवाली को अपने वार्षिक उत्सव कैलेंडर में मान्यता दी थी। यह उपलब्धि सुप्रिया सिंह की पहल और लगातार किए गए प्रयासों के बाद हासिल हुई। भारतीय मूल की सुप्रिया सिंह उत्तरी डबलिन से पार्षद चुनी जाने वाली पहली भारतीय मूल की महिला हैं। वह लंबे समय से भारतीय संस्कृति, विविधता और समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही हैं।समारोह में भारतीय राजदूत मनीष गुप्ता ने भारत और आयरलैंड के बीच सांस्कृतिक संबंधों में भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि आयरलैंड में भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच दोस्ती को मजबूत करने में अहम योगदान दे रहा है। उनके मुताबिक दिवाली जैसे त्योहार लोगों को एक साथ लाने के साथ सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने और अलग-अलग समुदायों के बीच आपसी समझ बढ़ाने का काम करते हैं।

कार्यक्रम में आयरलैंड की पहली महिला शतरंज ग्रैंडमास्टर त्रिशा कन्यामराला की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र रही। शतरंज के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों को युवा लड़कियों और बच्चों के लिए प्रेरणादायक माना गया। उनकी भागीदारी ने भारतीय मूल के समुदाय की शिक्षा, खेल और अन्य क्षेत्रों में उपलब्धियों को भी सामने रखा।दिवाली फैमिली मेला केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा। इसका एक उद्देश्य आयरलैंड में महिला उद्यमियों और छोटे घरेलू व्यवसायों को बढ़ावा देना भी था। वर्ष 2017 में स्थापित इंडियन लेडीज़ इन आयरलैंड ने महिलाओं को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और नए ग्राहकों से जुड़ने के लिए मंच दिया। मेले में भारतीय कपड़े, आभूषण, हस्तशिल्प, पारंपरिक खाद्य पदार्थ और अन्य सामान के स्टॉल लगाए गए।

सुप्रिया सिंह ने कहा कि दिवाली आशा, एकता, प्रेम और अंधकार पर प्रकाश की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आयरलैंड में रहने वाले भारतीयों के लिए यह खुशी की बात है कि उनकी संस्कृति और परंपराओं को सम्मान और अपनापन मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि आयरलैंड में बड़े हो रहे भारतीय मूल के बच्चों को अपनी भारतीय विरासत और आयरिश पहचान दोनों पर गर्व होना चाहिए।दिवाली फैमिली मेला 2026 ने आयरलैंड में भारतीय समुदाय की बढ़ती पहचान और भारत-आयरलैंड के मजबूत होते सांस्कृतिक संबंधों की झलक दिखाई। आयोजन के जरिए भारतीय परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ महिलाओं और छोटे व्यवसायों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिला।

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