भारत-बांग्लादेश सीमा के पास आशाबाड़ी में तस्करी से जुड़ी कार्रवाई के दौरान हिंसक झड़प हुई। हमले में BSF के तीन जवान घायल हुए और सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की गई। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
Knews Desk – त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले के आशाबाड़ी इलाके में BSF जवानों पर हुए हमले के बाद तनाव की स्थिति बन गई। 2 नवंबर को भारत-बांग्लादेश सीमा के पास हुई इस घटना में सीमा सुरक्षा बल की 49वीं बटालियन के तीन जवान घायल हो गए। रिपोर्टों के मुताबिक, हमलावरों ने जवानों के हथियार छीनने की भी कोशिश की और उनकी सरकारी गाड़ी में तोड़फोड़ की।
तस्करी रोकने की कार्रवाई के दौरान भड़की हिंसा
जानकारी के मुताबिक, 2 नवंबर की सुबह आशाबाड़ी बॉर्डर आउटपोस्ट के पास गेट नंबर 174 और 175 के नजदीक BSF जवान तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई कर रहे थे। इसी दौरान संदिग्ध तस्करी गतिविधियों के सिलसिले में हफजुर रहमान को पकड़े जाने की बात सामने आई। इसके बाद स्थानीय लोगों और BSF जवानों के बीच विवाद बढ़ गया और मामला हिंसक झड़प में बदल गया। हालांकि, घटना की शुरुआत और दोनों पक्षों के आरोपों की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
रिपोर्टों के अनुसार, भीड़ ने BSF जवानों पर हमला किया। इस दौरान तीन जवान घायल हो गए और सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाया गया। कुछ रिपोर्टों में स्थानीय लोगों के घायल होने की भी जानकारी दी गई है। घटना के बाद अतिरिक्त BSF कर्मियों और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने जताई नाराजगी
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने BSF जवानों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसा बर्दाश्त नहीं की जा सकती और मामले में कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
टीवी9 की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने बताया कि इस घटना के सिलसिले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस और BSF घटना से जुड़े साक्ष्यों तथा CCTV फुटेज की जांच कर रहे हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। आशाबाड़ी इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी रखी जा रही है।