इंडिया गठबंधन की महारैली में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। फारूक अब्दुल्ला ने मुसलमानों को बार-बार पाकिस्तानी बताए जाने और वोट चोरी के आरोपों को लेकर सवाल उठाए, वहीं महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों से वोट देने का अधिकार छीनना चाहती है।
Knews Desk – फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि देश में मुसलमानों को बार-बार पाकिस्तानी बताया जाता है, जबकि आजादी की लड़ाई में उन्होंने भी खून दिया है। उन्होंने वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि करीब एक करोड़ हिंदुओं के वोट भी काटे गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या वे भी पाकिस्तानी थे? फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भारत में रहने वाले हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी भारतीय हैं और सभी को वोट देने का बराबर अधिकार है।
फारूक अब्दुल्ला ने वोट की ताकत को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग सरकार के साथ खड़े हैं, उन्हें भी बताना चाहिए कि यह गलत है। उन्होंने कहा कि देश का कोई भी राज्य विकास में पीछे नहीं रहना चाहिए, क्योंकि एक भी राज्य पीछे रह गया तो देश तरक्की नहीं कर सकता। जम्मू-कश्मीर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह कल भी भारत का हिस्सा था और आगे भी रहेगा।
वहीं, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने महारैली में शामिल लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि लोगों की मौजूदगी बताती है कि वे समस्याओं को समझते हैं और उन्हें बदलना चाहते हैं। महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि 2014 तक देश में जो संपत्ति और व्यवस्थाएं बनाई गई थीं, उन्हें बर्बाद कर दिया गया है।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सरकार लोगों से वोट देने का अधिकार छीनना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेना और आम लोगों को छोड़िए, इन्होंने भगवान राम के मंदिर से भी चोरी की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार पूरे देश को जम्मू-कश्मीर जैसी स्थिति में न पहुंचा दे। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इस लड़ाई में वे लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं।