Knews Desk– मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक ही परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह का कथित मास्टरमाइंड कांता प्रसाद जयंतीपुर का रहने वाला है। उसकी मां कविता और पत्नी रानी भी इस अवैध कारोबार में उसके साथ शामिल थीं। पुलिस की जांच में सामने आया कि तीनों पहले से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और उनके खिलाफ नशा तस्करी से जुड़े आठ-आठ मामले दर्ज हैं। तीनों पहले भी जेल जा चुके हैं, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद कथित तौर पर दोबारा इसी धंधे में जुट गए।पुलिस के मुताबिक, कांता प्रसाद हाल ही में जेल से छूटकर आया था। बाहर आने के बाद उसने फिर से नशा तस्करी शुरू कर दी। इसी दौरान अपराधियों के सत्यापन और मैपिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले यक्ष ऐप पर मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने उसके नेटवर्क की जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो परिवार के सदस्यों की कथित संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर कांता प्रसाद, उसकी मां कविता और पत्नी रानी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी अपने ठिकाने पर नशीले पदार्थ रखने के दौरान गिरफ्तारी से बचने के लिए विशेष इंतजाम करते थे। उन्होंने घर के बाहर अलग-अलग जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे। इन कैमरों के जरिए वे घर के बाहर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखते थे। जब घर में नशीले पदार्थों की खेप रखी जाती थी, तब भी कैमरों की मदद से बाहर की निगरानी की जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी नशीले पदार्थ कहां से लाते थे और उनकी सप्लाई किन लोगों तक की जाती थी।मुरादाबाद के एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों के पास से 15 ग्राम चरस और 4.5 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, जब्त नशीले पदार्थों की कुल कीमत करीब चार लाख रुपये है। इसके अलावा लगभग 33 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। जांच के तहत उन सप्लायरों की पहचान की जा रही है, जो आरोपियों को नशीले पदार्थ उपलब्ध कराते थे। साथ ही, उन लोगों का भी सत्यापन किया जा रहा है, जिन्हें यह खेप बेची जाती थी। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है और जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।इस कार्रवाई में यक्ष ऐप से मिले इनपुट ने पुलिस को पहले से दर्ज आपराधिक मामलों वाले आरोपियों तक पहुंचने में मदद की। पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि इस कथित पारिवारिक नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था और इसके तार किन अन्य लोगों से जुड़े हुए थे।