पीठ पर बार-बार होने वाले मुंहासे और उनके बाद पड़ने वाले काले निशान आपकी त्वचा की खूबसूरती को प्रभावित कर सकते हैं। पसीना, टाइट कपड़े और हेयर केयर प्रोडक्ट्स भी इसकी वजह बन सकते हैं। जानिए पीठ के दानों से बचने के तरीके और काले दाग कम करने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
KNEWS DESK-चेहरे की तरह पीठ पर भी मुंहासे निकलना एक आम समस्या है। कई बार ये दाने ठीक होने के बाद त्वचा पर काले निशान छोड़ जाते हैं। खासकर गर्मी और उमस के मौसम में पसीना आने, त्वचा पर लगातार रगड़ लगने और रोमछिद्र बंद होने के कारण यह समस्या बढ़ सकती है। पीठ पर होने वाले ये दाने न केवल त्वचा को प्रभावित करते हैं, बल्कि इनके निशान की वजह से कई लोग अपनी पसंद के कपड़े पहनने में भी असहज महसूस करते हैं।
हालांकि, सही स्किन केयर रूटीन अपनाकर पीठ पर होने वाले मुंहासों को नियंत्रित करने और उनके बाद बनने वाले काले निशानों को धीरे-धीरे कम करने में मदद मिल सकती है।
पीठ पर मुंहासे होने की क्या हैं वजहें?
पीठ पर मुंहासे होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। दिनभर कपड़ों से ढकी रहने वाली त्वचा पर पसीना और तेल जमा हो सकता है। इसके अलावा, टाइट कपड़े पहनने, भारी बैग टांगने या एक्सरसाइज के दौरान लगातार घर्षण होने से भी त्वचा में जलन और दानों की समस्या बढ़ सकती है।
हेयर कंडीशनर, हेयर ऑयल और दूसरे बालों से जुड़े उत्पाद भी पीठ पर मुंहासों की समस्या को बढ़ा सकते हैं। बाल धोते समय इन उत्पादों के अवशेष पीठ पर रह सकते हैं, जिससे रोमछिद्र बंद होने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए बाल धोने के बाद पीठ और शरीर को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। यदि पीठ पर एक जैसे छोटे-छोटे दाने निकलते हैं और उनमें खुजली भी होती है, तो यह फंगल फॉलिकुलाइटिस जैसी समस्या हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है, क्योंकि इसका इलाज सामान्य मुंहासों से अलग हो सकता है।
पीठ के दानों से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये उपाय
पीठ पर मुंहासों की समस्या कम करने के लिए सबसे पहले त्वचा की साफ-सफाई पर ध्यान दें। पसीना आने या एक्सरसाइज करने के बाद नहाएं और साफ कपड़े पहनें। ऐसे कपड़ों का चुनाव करें, जिनमें हवा आसानी से आ-जा सके और त्वचा पर ज्यादा रगड़ न लगे। नहाते समय पीठ को हल्के हाथों से साफ करें। दानों को दबाने, फोड़ने या खुरदरे लूफा, कड़े ब्रश और कॉफी स्क्रब से जोर-जोर से रगड़ने से बचें। ऐसा करने से त्वचा में जलन बढ़ सकती है और दाग गहरे हो सकते हैं।
बालों को धोने के बाद कंडीशनर के अवशेष पीठ से अच्छी तरह साफ कर लें। यदि समस्या बार-बार हो रही है, तो सैलिसिलिक एसिड या बेंजोयल पेरॉक्साइड जैसे तत्वों वाले बॉडी वॉश के इस्तेमाल पर विचार किया जा सकता है। इनसे कुछ लोगों को फायदा मिल सकता है, लेकिन संवेदनशील त्वचा में जलन हो सकती है। इसलिए उत्पाद के निर्देशों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लें।
पीठ पर काले दाग कैसे कम करें?
मुंहासे ठीक होने के बाद त्वचा पर बनने वाले काले निशान को पोस्ट-इंफ्लेमेटरी हाइपरपिग्मेंटेशन कहा जाता है। ये निशान समय के साथ हल्के हो सकते हैं, लेकिन इसमें कई सप्ताह या महीने लग सकते हैं। निशानों को कम करने के लिए सबसे जरूरी है कि नए मुंहासों को बनने से रोका जाए और त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाले उपायों से बचा जाए। त्वचा को नियमित रूप से साफ रखें और ऐसे मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें, जो रोमछिद्रों को बंद न करे। यदि पीठ धूप के संपर्क में आती है, तो उस हिस्से पर सनस्क्रीन लगाना भी उपयोगी हो सकता है। त्वचा विशेषज्ञ की सलाह से एजेलिक एसिड या अन्य उपयुक्त उत्पादों का इस्तेमाल काले निशानों को कम करने में मदद कर सकता है।
क्या बेसन, दही और नींबू का मास्क लगाना सही है?
पीठ का कालापन दूर करने के लिए कई घरेलू नुस्खों में बेसन, दही, बेकिंग सोडा और नींबू के रस का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इस मिश्रण से काले निशान हटने के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। खासकर नींबू का रस और बेकिंग सोडा त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं। नींबू के रस के संपर्क में आने के बाद धूप पड़ने से त्वचा पर प्रतिक्रिया भी हो सकती है। इसलिए सक्रिय मुंहासों या संवेदनशील त्वचा पर ऐसे मिश्रण लगाने और त्वचा को रगड़ने से बचें। काले निशानों के लिए त्वचा के अनुकूल उत्पादों का इस्तेमाल करना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
यदि पीठ पर दर्द वाले बड़े दाने निकल रहे हैं, पस बन रही है, निशान लगातार बढ़ रहे हैं या लंबे समय तक घरेलू देखभाल के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है, तो त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें। सही कारण की पहचान और उचित उपचार से मुंहासों को नियंत्रित करने और काले निशानों को कम करने में मदद मिल सकती है।