समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव ने बीजेपी पर एसडीएम का आईडी-पासवर्ड लेकर वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने चुनाव आयोग से मामले में कार्रवाई की मांग की है।
Knews Desk- उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव ने आरोप लगाया है कि बीजेपी के कार्यकर्ता एसडीएम का आईडी-पासवर्ड लेकर वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर (VRC) में बैठ रहे हैं और वहां से सपा समर्थकों के वोट कटवाने के साथ बीजेपी समर्थकों के नाम जुड़वा रहे हैं।
राम गोपाल यादव ने दावा किया कि इस कथित साजिश के तहत हर विधानसभा क्षेत्र में करीब 10 हजार सपा समर्थकों के वोट काटने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों को इसलिए एसडीएम बनाया जा रहा है, ताकि वे अपना आईडी-पासवर्ड बीजेपी कार्यकर्ताओं को उपलब्ध करा सकें। उनके मुताबिक, संबंधित सिस्टम पर आने वाले ओटीपी को भी कथित तौर पर बीजेपी से जुड़ा व्यक्ति मंजूर कर रहा है। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।
इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी बीजेपी, चुनाव आयोग और प्रशासन पर मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने दावा किया था कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने ‘समाजवादी ECI ऑडिट’ के तहत 19 लाख से अधिक संदिग्ध मतदाताओं की पहचान की है। सपा की मांग है कि मतदाता सूची की जांच पारदर्शी तरीके से हो और किसी भी मतदाता का नाम गलत तरीके से न काटा जाए।
पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मामला भी चर्चा में रहा। कांग्रेस ने वहां 16,554 प्रविष्टियों में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक, 31 मई से 29 अगस्त के बीच VRC ऑपरेटर ने मतदाता विवरण में संशोधन के लिए 13,779 फॉर्म-8 की एंट्री की थी। इनमें से 10,470 स्वीकार और 3,309 खारिज हुए। जांच में 10,470 प्रविष्टियों में अनियमितता पाई गई थी।
इस मामले में तत्कालीन एसडीएम मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जबकि VRC कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। अब राम गोपाल यादव ने चुनाव आयोग से नए आरोपों पर संज्ञान लेने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।