Knews Desk– आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र यानी डीप डिप्रेशन में बदल गया है। हालांकि, इसके प्रभाव से तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा अभी बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पिछले छह घंटों के दौरान यह सिस्टम 7 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा और आंध्र प्रदेश के तट के पास केंद्रित हो गया। अगले 48 घंटों के दौरान इसके इसी दिशा में आगे बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। इनमें श्रीकाकुलम, एलुरु, कोनासीमा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, एनटीआर और गुंटूर शामिल हैं। इन जिलों में अगले तीन घंटों के दौरान भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।बारिश की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 12 घंटों में विशाखापत्तनम में 21 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, विजयनगरम और श्रीकाकुलम जिलों में 14-14 सेंटीमीटर बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव हुआ है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मृतकों के परिवारों और प्रभावितों को मिलेगी आर्थिक सहायता
चक्रवात से हुए नुकसान को देखते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि जिन लोगों के घरों में पानी भर गया है, उन्हें जरूरी सामान उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें इस मुश्किल परिस्थिति में राहत मिल सके।राज्य सरकार ने आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 10,000 रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा, चक्रवात से प्रभावित दुकानों को 25,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि चक्रवात से जुड़ी घटनाओं में राज्य में पांच लोगों की मौत हुई है। मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) के अनुसार, लगभग 57,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राहत शिविरों में रखा गया है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों पर ध्यान दे रहा है।
फसलों और मकानों को भारी नुकसान
चक्रवात के कारण राज्य में कृषि और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं, जबकि कुछ सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्रीय टीम भेजने का अनुरोध किया है।पत्र के अनुसार, लगभग 70,900 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल और 10,450 हेक्टेयर में बागवानी फसलें पानी में डूब गई हैं या नष्ट हो गई हैं। इसके अलावा, करीब 180 मकान भी प्रभावित हुए हैं।तेलंगाना सरकार ने भी आंध्र प्रदेश में बहाली के कार्यों में पूरा सहयोग देने की बात कही है। चक्रवात के कमजोर पड़ने के बाद अब राज्य के सामने प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को बहाल करने और कृषि क्षेत्र को हुए नुकसान का आकलन करने की चुनौती है।