महाराष्ट्र MLC चुनाव: नागपुर में कांग्रेस की लगातार दूसरी जीत, BJP को फिर झटका; MVA ने 5 में से 3 सीटें जीतीं

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में महाविकास आघाड़ी ने पांच में से तीन सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि महायुति को दो सीटें मिलीं। नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले को हराकर लगातार दूसरी बार जीत हासिल की।

Knews Desk महाराष्ट्र की नागपुर स्नातक विधान परिषद सीट पर कांग्रेस ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को शिकस्त दी है। कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भाजपा के सुधाकर कोहले को हराकर दूसरी बार विधान परिषद सदस्य बनने का गौरव हासिल किया। दूसरी पसंद के वोटों की गिनती में बढ़त हासिल करने के बाद वंजारी ने अपनी जीत दोहराई। इस परिणाम को नागपुर में भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।जीत के बाद अभिजीत वंजारी ने कहा कि भाजपा ने इस सीट पर जीत हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। उनके मुताबिक, 5 अक्टूबर से ही महाराष्ट्र के भाजपा नेता नागपुर में मौजूद थे और चुनाव प्रचार में जुटे हुए थे। इसके बावजूद मतदाताओं ने कांग्रेस और महाविकास आघाड़ी का साथ दिया। वंजारी ने अपनी जीत का श्रेय पार्टी और गठबंधन के कार्यकर्ताओं को दिया।

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर दावा किया कि विधान परिषद चुनाव में महाविकास आघाड़ी ने तीन सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है।सपकाल ने लिखा कि नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भाजपा प्रत्याशी को करारी शिकस्त दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के शहर नागपुर में भाजपा को लगातार दूसरी बार हार का सामना करना पड़ा है।

उन्होंने आगे कहा कि विधान परिषद की पांच सीटों में से तीन सीटों पर जीत हासिल कर महाविकास आघाड़ी ने भाजपा और महायुति को बड़ा झटका दिया है। सपकाल के मुताबिक, सत्ता, पैसा और पूरी ताकत लगाने के बावजूद भाजपा को हार मिली। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी पर भी निशाना साधा, जिसमें नतीजों से पहले कांग्रेस को ‘जीरो’ बताकर उसका मजाक उड़ाने का आरोप लगाया गया।नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का राजनीतिक इतिहास भाजपा और उसकी पूर्ववर्ती जनसंघ पार्टी के लंबे प्रभाव से जुड़ा रहा है। 1960 के दशक से 2020 तक इस सीट पर भाजपा और जनसंघ का दबदबा रहा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित भाजपा के कई प्रमुख नेताओं ने इस सीट का प्रतिनिधित्व किया।

1978 में गंगाधरराव फडणवीस जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में यहां से निर्वाचित हुए थे। इसके बाद 1990 में नितिन गडकरी विधान परिषद पहुंचे और कई वर्षों तक इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। 2014 में भाजपा के अनिल सोले ने यहां से जीत दर्ज की।हालांकि, 2020 के चुनाव में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने भाजपा के तत्कालीन उम्मीदवार संदीप जोशी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इस जीत के साथ कांग्रेस ने लगभग 58 वर्षों बाद यह सीट भाजपा और उसकी पूर्ववर्ती पार्टी से छीन ली थी। अब वंजारी ने दोबारा जीत दर्ज कर कांग्रेस की स्थिति मजबूत की है।

महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों के चुनाव में महाविकास आघाड़ी ने तीन सीटों पर जीत हासिल की, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति को दो सीटें मिलीं। नागपुर में कांग्रेस की जीत ने चुनावी नतीजों को खास बना दिया है। इन परिणामों के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भाजपा और महाविकास आघाड़ी के बीच मुकाबले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। नागपुर में कांग्रेस की लगातार दूसरी जीत ने विपक्ष को मजबूत संदेश दिया है।

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