‘भाजपाई वोट से नहीं खोट से जीतते हैं’, अखिलेश के बयान से UP की सियासत गरमाई

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव की मतगणना के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और प्रशासनिक अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मतगणना में कथित गड़बड़ी और नतीजों की घोषणा में देरी का आरोप लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।

Knews Desk – अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव की मतगणना को लेकर चुनाव आयोग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना की प्रक्रिया जानबूझकर धीमी की जा रही है और अलग-अलग राउंड के आधिकारिक नतीजों की जानकारी राजनीतिक दलों तथा मीडिया को नहीं दी जा रही है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से मामले में हस्तक्षेप करने और पारदर्शी तरीके से मतगणना सुनिश्चित कराने की मांग की।

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी सीट पर भी मतगणना को लेकर विवाद सामने आया है। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव ने मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रक्रिया का बहिष्कार किया। दोनों ने आरोप लगाया कि शुरुआती राउंड के बाद मतगणना का रुझान बदल गया और बीजेपी प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी के पक्ष में वोट बढ़ने लगे। ये आरोप प्रत्याशियों की ओर से लगाए गए हैं।

गोरखपुर सीट पर पहली वरीयता के मतों की गिनती के दौरान बीजेपी के ध्रुव त्रिपाठी और निर्दलीय राजीव यादव के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, ध्रुव त्रिपाठी को 11,881 वोट और राजीव यादव को 11,415 वोट मिले, जबकि सपा के डॉ. संजयन त्रिपाठी को 8,301 वोट प्राप्त हुए। मतगणना को लेकर विवाद के बीच इस सीट के अंतिम परिणाम पर नजर बनी हुई थी।

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और प्रशासन से मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने तथा कथित अनियमितताओं पर संज्ञान लेने की मांग की है। वहीं, चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक स्तर पर निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *