1 नवंबर की रैली पर दिल्ली के कारोबारियों की चिंता, CTI ने राहुल गांधी को लिखा पत्र

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने दिवाली के पीक सीजन में प्रस्तावित महारैली को टालने या किसी दूसरे स्थान पर आयोजित करने की मांग की है। संगठन का दावा है कि 10 लाख लोगों और 15 से 20 हजार वाहनों के पहुंचने से पुरानी दिल्ली के 20 प्रमुख बाजारों में कारोबार प्रभावित हो सकता है।

Knews Desk – दिल्ली में व्यापारियों और उद्यमियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित महारैली की तारीख बदलने की मांग की है। पत्र की कॉपी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भी भेजी गई है। CTI ने उनसे सहयोगी दलों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करने का अनुरोध किया है।

CTI के मुताबिक, 26 अक्टूबर को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए व्यापारियों को संबोधित किया था। संगठन का कहना है कि इसके बाद रामलीला मैदान के आसपास के बाजारों के कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है और पैनिक का माहौल बन गया है।

15 से 20 हजार वाहनों के पहुंचने का अनुमान

CTI का अनुमान है कि रैली में करीब 10 लाख लोग शामिल हो सकते हैं। संगठन के मुताबिक, 50 लोगों की क्षमता के हिसाब से 10 से 12 हजार बड़ी बसें और 5 से 7 हजार छोटी गाड़ियां दिल्ली पहुंच सकती हैं। इससे कुल वाहनों की संख्या 15 से 20 हजार तक होने की आशंका है।

व्यापारियों ने सवाल उठाया है कि इतनी बड़ी संख्या में वाहनों की पार्किंग कहां होगी। CTI का कहना है कि रामलीला मैदान के आसपास 200 वाहनों की भी पर्याप्त अधिकृत पार्किंग उपलब्ध नहीं है।

व्यापारियों को यह भी चिंता है कि 31 अक्टूबर से बैरिकेडिंग या रास्ते बंद होने की स्थिति में दुकानें खुलने और ग्राहकों के बाजारों तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है।

पुरानी दिल्ली के 20 बाजारों पर असर की आशंका

CTI के अनुसार, रामलीला मैदान के आसपास और वहां पहुंचने वाले रास्तों पर दिल्ली के कई बड़े थोक और खुदरा बाजार स्थित हैं। संगठन ने चांदनी चौक, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, सदर बाजार, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट, नबी करीम, करोल बाग, अजमेरी गेट, दरियागंज, नई सड़क, किनारी बाजार, दरीबा कलां, फतेहपुरी, लाहौरी गेट, फिल्मिस्तान, पहाड़गंज, गफ्फार मार्केट, जामा मस्जिद-मीना बाजार, लाल किला-लाजपत राय मार्केट और नया बाजार का जिक्र किया है।

संगठन का कहना है कि दिल्ली-6 की कई गलियां केवल 10 से 12 फीट चौड़ी हैं। ऐसे में किसी ट्रक के फंसने से लंबा जाम लग सकता है और बाजारों तक माल पहुंचाने तथा ग्राहकों की आवाजाही में बाधा आ सकती है।

10 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का दावा

CTI ने दावा किया है कि 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर 3 से 4 हजार लोगों के कार्यक्रम के कारण सेंट्रल दिल्ली में यातायात और आवाजाही प्रभावित हुई थी। संगठन के मुताबिक, उस दिन व्यापारियों को करीब 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

CTI का अनुमान है कि 1 नवंबर को 10 लाख लोगों की रैली होने पर पुरानी दिल्ली का कारोबार ठप हो सकता है और 10 हजार करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है। ये आंकड़े संगठन के दावे और अनुमान पर आधारित हैं।

CTI ने मांग की है कि जनहित और व्यापारियों के हित को देखते हुए रैली को 10 नवंबर यानी भैया दूज के बाद आयोजित किया जाए। यदि रैली 1 नवंबर को ही आयोजित करना जरूरी है, तो संगठन ने इसे रामलीला मैदान के बजाय बुराड़ी ग्राउंड या जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम जैसे खुले स्थान पर शिफ्ट करने का सुझाव दिया है, ताकि आसपास के बाजारों पर असर कम पड़े।

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