उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) भी चुनाव को लेकर अपनी रणनीति में बदलाव करने जा रही है। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने संकेत दिया है कि इस बार AAP पिछली गलतियों से सबक लेते हुए चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी 2022 के विधानसभा चुनाव की तरह 349 सीटों पर चुनाव लड़ने की गलती नहीं दोहराएगी। इस बार पार्टी उन्हीं सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ने की रणनीति बनाएगी, जहां उसकी स्थिति बेहतर होगी।
Knews Desk – AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने लखनऊ में न्यूज एजेंसी PTI से बातचीत के दौरान कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 349 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन परिणाम पार्टी के पक्ष में नहीं आए। उस चुनाव में AAP को एक प्रतिशत से भी कम वोट शेयर मिला था। अब पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए नई रणनीति अपनाने की तैयारी कर रही है। संजय सिंह के बयान से संकेत मिलता है कि इस बार पार्टी का जोर सीटों की संख्या बढ़ाने के बजाय मजबूत चुनावी तैयारी पर रहेगा।
संजय सिंह ने कहा कि 2022 के चुनाव में पार्टी को भले ही निराशा हाथ लगी हो, लेकिन नगर निकाय चुनावों में उसका प्रदर्शन बेहतर रहा है। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश में AAP ने लगभग 250 से 300 सभासद और पार्षद जीते हैं। इसके अलावा पार्टी के 10 चेयरमैन भी चुने गए हैं। उन्होंने रामपुर और बरसाना जैसे नगर निकायों में AAP के चेयरमैन होने का भी उल्लेख किया। संजय सिंह ने कहा कि नगर निकाय चुनावों के बाद से उत्तर प्रदेश में पार्टी की सक्रियता बनी हुई है।
2027 के विधानसभा चुनाव में AAP कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी, इस सवाल पर संजय सिंह ने कहा कि पार्टी इस बार केवल चुनाव लड़ने के लिए मैदान में नहीं उतरेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 349 सीटों पर चुनाव लड़ने की पिछली रणनीति नहीं दोहराई जाएगी। इस बार जहां भी पार्टी चुनाव लड़ेगी, वहां मजबूती से चुनाव लड़ने की कोशिश करेगी। हालांकि, उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया कि पार्टी कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी।
संजय सिंह ने इस दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही चर्चा पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कांग्रेस की ओर से 150 से 200 सीटों की मांग को गलत बताया। उनके मुताबिक, पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 2.5 प्रतिशत वोट मिले थे और पार्टी केवल दो सीटें जीत पाई थी। ऐसे में कांग्रेस को कितनी सीटों पर दावा करना चाहिए, इसका फैसला कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता आपसी बातचीत से करें।
कांग्रेस की सीटों की मांग पर तंज कसते हुए संजय सिंह ने कहा कि अगर दो सीटें जीतने के बाद कांग्रेस 200 सीटों की मांग कर रही है, तो अगर उसने समाजवादी पार्टी की तरह 111 सीटें जीती होतीं, तब वह कितनी सीटों की मांग करती। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि उस हिसाब से कांग्रेस 1,000 सीटों की मांग करती। संजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस को 200 सीटों के बजाय ऐसी मांग करनी चाहिए, जो परिस्थितियों के हिसाब से उचित लगे।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले AAP की रणनीति में संभावित बदलाव और कांग्रेस-सपा के बीच सीट बंटवारे का मुद्दा राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बना हुआ है। संजय सिंह के बयान से साफ है कि AAP इस बार अधिक सीटों पर उम्मीदवार उतारने के बजाय चयनित सीटों पर अपनी ताकत लगाने की रणनीति पर विचार कर रही है। अब देखना होगा कि पार्टी चुनाव के लिए कितनी सीटें तय करती है और अन्य दलों के साथ संभावित राजनीतिक समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।