Knews Desk- ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने अमेरिका के इलिनॉइस स्थित पैलेटाइन में एक हिंदू मंदिर पर संभावित हमले की साजिश को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए समाज में समावेशी सोच और मानवीय चेतना को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया। सद्गुरु ने उन लोगों के प्रति आभार भी जताया, जिन्होंने समय रहते कार्रवाई करके कथित हमले को रोकने में मदद की।
सद्गुरु ने अपनी पोस्ट में कहा कि जब किसी युवा की जिंदगी नफरत से इस हद तक प्रभावित हो जाती है कि वह खुद से अलग लोगों की हत्या की योजना बनाने लगता है, तो यह अगली पीढ़ी को पालने-पोसने में समाज की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सभी को साथ लेकर चलने की भावना विकसित करना और मानवीय चेतना को बढ़ाने की दिशा में काम करना बेहद जरूरी है।यह मामला अमेरिका के इलिनॉइस राज्य के पैलेटाइन इलाके से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, एक हिंदू मंदिर में संभावित सामूहिक गोलीबारी की धमकी से संबंधित जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी। इस कार्रवाई में पैलेटाइन पुलिस विभाग ने माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस विभाग के साथ मिलकर काम किया।
जांचकर्ताओं के अनुसार, 11 अक्टूबर को माउंट प्रॉस्पेक्ट पुलिस को पैलेटाइन पुलिस से संभावित सामूहिक गोलीबारी से जुड़ी जानकारी मिली। यह सूचना एक ऐसे व्यक्ति ने दी थी, जिसे एलेक्जेंड्रोस पापोरकिस की ओर से चिंताजनक इलेक्ट्रॉनिक संदेश मिलने की बात कही गई थी। जांच में आरोप लगा कि पापोरकिस ने एक दस्तावेज साझा किया था, जिसमें हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की कथित योजना का जिक्र था। उसने राइफल, मैगजीन, बॉडी आर्मर और अन्य सामरिक उपकरणों की तस्वीरें भी साझा की थीं।पुलिस ने आरोपी को उसके घर से निकलते समय हिरासत में लिया। इसके बाद अदालत से मिले तलाशी वारंट के आधार पर उसके घर की तलाशी ली गई। जांचकर्ताओं के मुताबिक, वहां से एक राइफल, कई भरी हुई राइफल मैगजीन, सैकड़ों राउंड अतिरिक्त गोला-बारूद और अन्य सामरिक उपकरण बरामद किए गए। बरामद सामान में एक टैक्टिकल वेस्ट भी था, जिस पर कथित तौर पर श्वेत वर्चस्ववादी और चरमपंथी विचारधाराओं से जुड़े प्रतीक और संदेश मौजूद थे। इनमें दक्षिण एशियाई मूल के लोगों, खासकर भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का उल्लेख होने की बात कही गई।
खुफिया अधिकारियों को आशंका थी कि आरोपी 11 अक्टूबर को हमले की योजना बना रहा था और ऑरोरा इलाके में किसी हिंदू धार्मिक स्थल को निशाना बनाया जा सकता था। आरोपी पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप दर्ज किए गए हैं। अदालत ने सुनवाई के बाद उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया।पैलेटाइन पुलिस प्रमुख विलियम नॉर्ड ने कहा कि कथित खतरे की गंभीरता को कम करके नहीं आंका जा सकता। उनके मुताबिक, दोनों पुलिस विभागों के बीच समय पर जानकारी साझा करने और संयुक्त कार्रवाई से संदिग्ध की पहचान कर उसे हिरासत में लेना संभव हुआ। उन्होंने जांच में FBI के सहयोग और सबसे पहले सूचना देने वाले व्यक्ति की भी सराहना की।इस घटना पर सद्गुरु की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर नफरत और कट्टरपंथ से निपटने में परिवार, समाज और अगली पीढ़ी की परवरिश की भूमिका पर चर्चा छेड़ दी है।